Publish Date: Mon, 24 Jul 2023 (16:47 IST)
Updated Date: Mon, 24 Jul 2023 (16:54 IST)
भोपाल। मध्यप्रदेश के छतरपुर में दलित युवक से दरिंदगी का मामला समाने आया है। बताया जा रहा कि महाराजपुर थाने इलाके में नाली निर्माण के दौरान एक दलित युवक को दंबगों ने गदंगी खिला दिया। महारापुर इलाके के बिकौरा गांव में ग्राम पंचायत में हो रहे नाली निर्माण के दौरान आरोपी रामकृपाल पटेल ने पीड़ित दलित दशरथ अहिरवार का विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ा कि आरोपी ने दलित दशरथ अहिरवार पर मैला फेंक दिया। पुलिस ने पूरे मामले में आरोपी को हिरासत में ले लिया है।
पीड़ित दशरथ अहिरवार का आरोप है कि नाली निर्माण के दौरान उसने गलती से ग्रीस लगे हाथों से रामकृपाल पटेल को छू लिया जिसके बाद आरोपी ने उस पर मैला फेंकने के दौरान जबरन उसके खिला दिया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 294 (सार्वजनिक रूप से अश्लील कृत्यों या शब्दों के लिए सजा), 506 (आपराधिक धमकी) और अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचारों की रोकथाम) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है
कांग्रेस ने सरकार को घेरा-वहीं पूरे मामले पर अब सियासत भी गर्म हो गई है। कांग्रेस ने इसे पूरे मामले पर शिवराज सरकार को घेरा है। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि “मध्य प्रदेश में एक महीनें में ही दलित-आदिवासी अत्याचार की दूसरी बेहद निंदनीय व पीड़ादायक वारदात हुई है, जो मानवता को शर्मसार कर देने वाली है। NCRB Report (2021) के मुताबिक़, भाजपा शासित मध्य प्रदेश में दलितों के ख़िलाफ़ अपराधों का रेट सबसे ज़्यादा है। आदिवासियों के ख़िलाफ़ सबसे अधिक अपराध हुए है, हर दिन 7 से ज़्यादा अपराध हुए। मध्य प्रदेश के हमारे दलित, आदिवासी और पिछड़े वर्ग के नागरिक दशकों से भाजपाई कुशासन में अपमान का घूँट पी रहे हैं। भाजपा का "सबका साथ", केवल विज्ञापनों में सिमटकर, एक दिखावटी नारा और PR Stunt बनकर रह गया है! भाजपा, हर दिन बाबासाहेब अंबेडकर जी के सामाजिक न्याय के सपने को चूर-चूर कर रही है। हम माँग करते हैं कि छतरपुर जिले की इस घटना पर कठोर से कठोर कार्रवाई हो !
वहीं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने ट्वीट करते हुए लिखा कि प्रदेश के छतरपुर में एक दलित व्यक्ति के ऊपर मल लगा देने की घटना अत्यंत घृणित है। ऐसी घटनाएं सभ्य समाज के माथे पर कलंक है। ऐसे कृत्यों से मध्य प्रदेश का नाम कलंकित होता है। इसके पूर्व सीधी में आदिवासी समुदाय के व्यक्ति पर पेशाब करने की घटना से भी प्रदेश को शर्मसार होना पड़ा था। मध्य प्रदेश में भाजपा के 18 साल के कुशासन में दलित और आदिवासियों पर अत्याचार चरम पर हैं। समय आ गया है जब दलित और आदिवासियों के प्रति ऐसी मानसिकता रखने वाली सोच को खत्म किया जाए और मध्य प्रदेश में दलित और आदिवासियों को उनका संविधानिक सम्मान दिलाया जाए।
भाजपा का पलटवार-कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के भाजपा पर निशाना साधने के बाद अजा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालसिंह आर्य ने कहा कि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे यह कहते हैं कि मध्यप्रदेश में दलितों पर अत्याचार की घटनाएं हो रही हैं, तो उन्हें राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) की रिपोर्ट का अवलोकन करना चाहिए। एनसीआरबी की रिपोर्ट में स्पष्ट उल्लेख है कि राजस्थान महिलाओं के साथ बलात्कार की घटनाओं और दलितों पर अत्याचार के मामलों में देश में नंबर वन है। जहां कांग्रेस के गठबंधन वाले दलों की सरकार है, वहां दलितों के साथ अनाचार और अत्याचार हो रहा है, झारखण्ड इसका प्रत्यक्ष उदाहरण है। वहीं पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री ममता बेनर्जी की सरकार में 3 हजार दलितों के मकान जला दिये गये। कांग्रेस अध्यक्ष को जवाब देना चाहिए कि आखिर कांग्रेस और उसके गठबंधन वाले दलों की सरकार में दलितों और महिलाओं पर इतने अत्याचार कब रूकेंगे?