Publish Date: Wed, 24 Jul 2019 (20:26 IST)
Updated Date: Wed, 24 Jul 2019 (20:32 IST)
भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा में नटकीय सियासी घटनाक्रम के बाद अब भाजपा पूरी तरह बैकफुट पर आ रही है। भाजपा के विधायकों के कमलनाथ सरकार को समर्थन देने के बाद पार्टी की अगली रणनीति तैयार करने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के बंगले पर पार्टी नेताओं की एक बड़ी बैठक हुई।
बैठक में नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव, पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा, भपेंद्र सिंह, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष सीताशरण शर्मा समेत पार्टी के कई विधायक शामिल हुए। वहीं बैठक के बीच में बाहर निकले पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा का एक ओर बड़बोला बयान समाने आया है।
नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि खेल उन्होंने शुरू किया है खत्म हम करेंगे। नरोत्तम का यह बयान उस समय आया है जब भाजपा के अपने खुद दो विधायक कांग्रेस के समर्थन में जाकर खड़े हो गए है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या भाजपा नेताओं ने सदन में मिली सियासी हार के बाद भी सबक नहीं लिया है।
लोकसभा चुनाव के बाद भाजपा नेता बढ़ चढ़कर कमलनाथ सरकार के गिरने की भविष्यवाणी कर रहे थे ऐसे में भाजपा के दो विधायकों के कांग्रेस सरकार के साथ जाने से कहीं न कहीं अब पार्टी के सभी बड़े नेता कठघरे में खड़े हो गए हैं।
गोपाल भार्गव के बयान से संगठन ने बनाई दूरी – वहीं बुधवार दिन में नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव के उस बयान कि अगर नंबर एक और दो का आदेश मिला तो 24 घंटे में सरकार गिरा देंगे से अब पार्टी ने पल्ला झाड़ लिया है।
पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह ने कहा कि गोपाल भार्गव का बयान पार्टी की लाइन नहीं है। उन्होंने कहा कि भाजपा कभी भी खुद से कांग्रेस सरकार गिराने के पक्ष में नहीं रही और न ही पार्टी कभी ऐसी कोशिश करेगी।
वहीं भाजपा के दो विधायकों के कमलनाथ सरकार को समर्थन देने पर राकेश सिंह ने सफाई देते हुए कहा कि दोनों विधायक अब भी पार्टी के साथ है। इसके साथ ही उन्होंने कमलनाथ सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि भाजपा पर विधायकों को तोड़ने का आरोप लगाने वाली कांग्रेस अब खुद ऐसा कर रही है।