बिजली मुद्दे पर सदन में घिरी कमलनाथ सरकार, भाजपा ने लगाया वादाखिलाफी का आरोप

भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा में गुरुवार को किसानों को कम बिजली देने और बिजली कटौती के मुद्दे पर विपक्ष ने कमलनाथ सरकार को जमकर घेरा। सदन में प्रश्नकाल के दौरान भाजपा विधायक और पूर्व मंत्री भूपेंद्र सिंह ने किसानों को केवल 10 घंटे बिजली दिए जाने का मुद्दा उठाया।
 
भूपेंद्र सिंह ने कहा, कांग्रेस ने अपने वचन पत्र में किसानों को 12 घंटे बिजली देने का वादा किया था लेकिन सरकार अब किसानों को बिजली नहीं उपलब्ध करा पा रही है। इसके साथ ही सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि अब सरकार ने बजट में भी किसानों को केवल 10 घंटे बिजली देने की बात कही है।
 
इस पर ऊर्जा मंत्री प्रियव्रत सिंह ने जवाब देते हुए कहा कि सरकार किसानों को अभी 10 घंटे बिजली दे रही है जिसमें दिन में 6 घंटे और रात में 4 घंटे बिजली दी जा रही है। जहां तक किसानों को 12 घंटे बिजली देने की बात है, उस पर सरकार जल्द ही फैसला करेगी। इसके लिए पूर्व क्षेत्र में बालाघाट और मध्यक्षेत्र में हरदा और होशंगाबाद में 10-10 घंटे बिजली देने का ट्रायल किया जा रहा है। चर्चा के दौरान विपक्ष ने सरकार पर अपने वचन पत्र को पूरा नहीं करने का आरोप लगाया।
 
सदन में गूंजा बिजली कटौती का मुद्दा : सदन में गुरुवार को प्रदेश में बिजली कटौती का मुद्दा भी उठा। भाजपा विधायक यशपाल सिंह सिसौदिया ने प्रदेश में पर्याप्त बिजली होने के बावजूद लगातार बिजली कटौती होने का मामला उठाया।
 
इसके साथ ही उन्होंने मेंटनेंस के नाम कटौती के मुद्दे पर सरकार से सवाल किया। इस पर सरकार की तरफ से ऊर्जा मंत्री ने जवाब देते हुए कहा कि उपकरणों की गुणवत्ता में खराबी होने के कारण बार-बार ट्रिपिंग की समस्या से जूझना पड़ रहा है।
 
ऊर्जा मंत्री ने भाजपा पर पलटवार करते हुए कहा कि पिछले 3-4 साल में मेंटनेंस के नाम पर केवल खानापूर्ति की गई और विधानसभा चुनाव से पहले पिछले साल भाजपा सरकार ने मेंटनेंस का काम नहीं किया, जिसके चलते ट्रिपिंग के मामले बढ़ गए। वहीं ऊर्जा मंत्री ने अपने जवाब में कहा कि प्रदेश में कहीं भी अघोषित बिजली कटौती नहीं की गई।

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