भोपाल। मध्यप्रदेश में मिलावटखोरों के खिलाफ अब कमलनाथ सरकार सख्त रुख अपनाने जा रही है। स्वास्थ्य मंत्री तुलसी सिलावट के मुताबिक प्रदेश में दूध, मावा और पनीर में मिलावट करने वालों के खिलाफ रासुका और जिलाबदर की कड़ी कार्रवाई करने के साथ अब ऐसे मिलावटखोरों को उम्रकैद की सजा के लिए सरकार सुप्रीम कोर्ट की गाइड लाइन के अनुरूप कानून बनाएगी।
स्वास्थ्य मंत्री ने आरोप लगाते हुए कहा कि मिलावटखोरों का इतना बड़ा साम्राज्य कोई एक दिनों में नहीं बना गया, पिछली भाजपा सरकार ने मिलावटखोरों के खिलाफ कोई कड़ी कार्रवाई नहीं की जिससे आज मिलावटखोरी एक संगठित गिरोह के रूप में काम करते हुए नजर आ रही है।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने 2012 में जिस खाद्य सुरक्षा कानून का विरोध किया था आज वही कानून मिलावटखोरों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने में काम आ रहा है।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि प्रदेश में सिंथेटिक दूध के जरिए लोगों को जहर देने का प्रयास किया जा रहा है जिसको सरकार किसी भी कीमत पर कामयाब नहीं होने देगी, इसलिए पूरे प्रदेश में इस समय मिलावटखोरों के खिलाफ सघन अभियान चलाया जा रहा है जिसमें किसी भी मिलावटखोर को बख्शा नहीं जाएगा।
केमिकलयुक्त फल-सब्जी के खिलाफ शुरू होगी मुहिम : दूध और उससे जुड़े प्रोडेक्ट में मिलावट करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने के बाद अब सरकार फल और सब्जी में केमिकल मिलाने वालों के खिलाफ एक बड़ी जंग की शुरू करने जा रही है।
स्वास्थ्य मंत्री तुलसी सिलावट ने कहा कि सिथेंटिक दूध बनाने वालों पर कड़ी कार्रवाई करने के बाद अब पूरे प्रदेश में फल और सब्जी में केमिकल मिलाने वालों और उसका व्यापार करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की शुरुआत होने जा रही है। मिलावटखोरों के खिलाफ कार्रवाई के लिए सरकार ने अधिकारियों को फ्री हैंड दिया है।
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