Publish Date: Sat, 27 Jul 2019 (09:29 IST)
Updated Date: Sat, 27 Jul 2019 (09:36 IST)
भोपाल। प्रदेश में नकली दूध को लेकर अब सरकार के तेवर कड़े हो गए है। मुख्यमंत्री कमलनाथ की नाराजगी के बाद अब पूरा प्रशासन हरकत में है। मिलावटखोरों पर कार्रवाई को लेकर स्वास्थ्य मंत्री तुलसी सिलावट और मुख्य सचिव एसआर मोहंती ने सूबे के सभी कलेक्टरों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कर जरूरी दिशा निर्देश दिए।
इस दौरान मंत्री ने अधिकारियों को मिलावटखोरों के खिलाफ कार्रवाई में फ्री हैंड देते हुए कहा कि लोगों की जान से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कहर बनकर टूटो जिससे कि वह कभी मिलावट न कर सके।
उन्होंने मिलावटखोरों के खिलाफ रासुका लगाकर जिलाबदर की कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए। मंत्री ने अफसरों से कहा कि कार्रवाई ऐसी होनी चाहिए कि लोगों को भी लगे कि कार्रवाई हो रही है। इसके साथ ही मंत्री और सीएस ने कहा कि अगर कोई अपने राजनीतिक रसूख का हवाला देकर दबाव बनाने की कोशिश करे तो अफसर दबे नहीं बल्कि ऐसे लोगों के खिलाफ और कड़ी कार्रवाई करे और ऐसी सख्त कार्रवाई करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को पूरा संरक्षण दिया जाएगा।
रासुका और जिलाबदर की कार्रवाई – बैठक में मंत्री तुलसी सिलावट ने जिलों में पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों को बेखौफ होकर मिलावटखोरों को खिलाफ रासुका और जिलाबदर की कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इसके साथ मुख्यसचिव एसआर मोहंती ने छोटे कस्बों, तहसील में विशेष अभियान चलाकर चेकिंग करने के निर्देश दिए। इसके साथ दूसरे प्रदेश से आ रहे दूध, मावा और पनीर पर सख्त निगरानी रखने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए।
बैठक के दौरान कई जिलों के कलेक्टरों ने नकली दूध की जांच को लेकर भोपाल स्थित लैब से रिपोर्ट देरी से आने का मुद्दा भी उठाया जिस पर मंत्री ने ऐसे जिले जहां पर स्थानीय स्तर पर जांच हो सकती है वहां स्थानीय स्तर पर जांच कर तत्परता के साथ मिलावटखोरों पर कार्रवाई करें।