Publish Date: Wed, 22 Jun 2016 (13:58 IST)
Updated Date: Wed, 22 Jun 2016 (16:57 IST)
इंदौर। सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश मार्कंडेय काटजू ने मीडिया की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि इसे बंद कर देना चाहिए। साथ ही उन्होंने न्यायपालिका में भ्रष्टाचार को लाइलाज बीमारी बताया।
काटजू ने कहा है कि किसी भी जज को किसी के सामने रोने की आवश्यकता नहीं है। न्यायपालिका को अपनी योजना बनाकर उसे पूरा करना चाहिए। न्यायपालिका की प्रक्रिया से ध्वस्त हो चुकी है। इसमें भ्रष्टाचार भी हो रहा है।
उन्होंने यह बात 'भारतीय न्यायपालिका किस दिशा में' विषय पर एक निजी संस्थान के कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि कही। उन्होंने कहा कि लोगों को न्याय मिलने में देरी हो रही है और गलत फैसले भी लिए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि न्यायालय में लीगर प्रिंसिपर पर लगातार काम होना आवश्यक है । एक जज के पास 300 केस लंबित रह सकते हैं लेकिन आजकल 3000 रहते हैं।