शनि-सूर्य का मिलन, मामूली उपाय कर बचें अशुभ घटनाओं से

शनिवार, 25 जनवरी 2020 (21:11 IST)
शनि ग्रह मकर राशि में 24 जनवरी को सुबह 9.54 मिनट पर प्रवेश कर चुके हैं। उनके पिता सूर्यदेव भी 15 तारीख मकर संक्रांति पर मकर राशि में प्रवेश कर चुके है। 30 वर्ष पहले शनि जब मकर राशि में आए थे, तब भारत में 3 बड़ी घटनाएं हुई थीं।

मई 91 में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की एक विस्फोट में अकाल मृत्यु, 6 दिसंबर 92 को बाबरी मस्जिद विध्वंस के बाद भड़के दंगे, 12 मार्च 93 में मुंबई में बम धमाके हुए थे।

आखिर इन ग्रहों के प्रभाव को कैसे कम किया जा सकता है। आइए जानते हैं...
1. अपने पुत्र के कमरे में जाकर उसके साथ चाय पिएं। पुत्र के कमरे में पुत्र या पुत्री के साथ बैठकर बात करें। ग्रहों के इस परिवर्तन को जीवंत करें।

2. अगर आपके पुत्र-पुत्री बाहर हैं या आपसे कोई कारण से दूरी बनाए हुए हैं तो आप सब कुछ भूलकर आगे बढ़कर उनसे बात करें। ग्रह आपके जीवन में रिश्तों के रूप में हैं। पुत्र-पुत्री भी ऐसा ही कर सकते हैं।

3. अपने अधीनस्थ कर्मचारी या नौकर अथवा आपके घर जो बाई काम करती हो उसके घर अचानक जाकर उसे कोई गिफ्ट दें या मिठाई दें। अचानक मिलने वाली खुशी दें, जो आपके जाने पर मिलेगी। सूर्य पिता, चंद्र मां, मंगल भाई-बहन, बुध मामा, गुरु पति, शुक्र पत्नी का प्रतिनिधित्व करते हैं, जबकि शनि आपके अधीनस्थ
लोगों का प्रतिनिधित्व करते हैं।

डिवाइन एस्ट्रो हीलिंग के यह उपाय आपको ग्रहों की मारक क्षमता कम करने एवं आपकी सहनशक्ति को बढ़ाने में अलौकिक मदद करेंगे।

शनि के दुष्‍परिणाम रोकने हेतु अनुष्ठान : शनिवार के राशि परिवर्तन से होने वाली आपदाओं से बचने के लिए राष्ट्र की शांति का संकल्प लेकर शनि मंदिर उज्जैन में अनुष्ठान किए गए।

अनुष्ठान के आखिरी दिन 24 जनवरी को 12.04 दोपहर पर शनिदेव का मकर राशि में स्वागत हुआ। तत्पश्चात कृष्णा गुरुजी के सानिध्य में 51 बटुकों और प्रधान पंडित प्रशांतजी द्वारा सूर्य और शनि के मंत्रों के साथ हवन किया गया। बाद में सभी ग्रहों के मंत्रों के साथ हवन पूर्ण हुआ।

इसके बाद कृष्णा गुरुजी सोशल वेलफेयर सोसाइटी के तत्वाधान में निर्मित शनि नवग्रह वाटिका में मंगल का पौधा मंगल मंत्रोच्चार के साथ गुरुजी ने रोपित किया। उज्जैन की महापौर मीना जूनवाल ने शनि का त्रिवेणी का पौधा रोपा, जबकि किन्नर पलक एवं किन्नर समूह ने बुध का पौधा और जेल अधीक्षक अलका सोनकर ने राहु का पौधा रोपित किया। गुरु का पौधा 105 वर्षीय राम पटेल ने लगाया।

इस अवसर पर संस्था की अध्यक्ष भाविका बदलानी, तनुजा कुलकर्णी, कविता भट्ट, अजय भी मौजूद। इंदौर से आए ये गणमान्य नागरिक मौजूद थे।

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