IT का छापा : एनजीओ संचालक रातोंरात कैसे बना करोड़ों का मालिक, रसूख देखकर फटी रह गई आंखें

भोपाल। मुख्यमंत्री कमलनाथ के ओएसडी प्रवीण कक्कड़ के करीबी अश्विनी शर्मा के ठिकानों पर जारी आयकर विभाग की कार्रवाई में अब तक बड़ी मात्रा में कैश और करोड़ों की बेनामी संपत्ति मिलने की खबर है। आयकर विभाग के अफसरों ने कार्रवाई के दौरान अश्विनी शर्मा का पासपोर्ट भी जब्त कर लिया है। विभाग के अफसर ने अश्विनी शर्मा से पूछताछ कर उसके कारोबार के बारे में जानकारी ली।

एक साधारण से एनजीओ चलाने वाले अश्विनी शर्मा के भोपाल के प्लेटीनियम प्लाजा स्थित कई ठिकानों पर रविवार रात 3 बजे से अब तक कार्रवाई में आयकर विभाग के अफसरों को करोड़ों का कैश, 100 से अधिक जमीन की रजिस्ट्री के पेपर, कई महंगी गाड़ियां और हथियार भी मिले हैं। कार्रवाई के दौरान ही आयकर विभाग के अधिकारियों ने मध्य प्रदेश के साथ देश के कई अन्य राज्यों में बेशकीमती जमीन की रजिस्ट्री के पेपर और कई डायरियां भी जब्‍त की हैं। वहीं आयकर विभाग के अफसरों ने कार्रवाई के दौरान अश्विनी शर्मा का पासपोर्ट भी जब्त कर लिया है। आयकर विभाग के अफसर ने अश्विनी शर्मा से पूछताछ कर उसके कारोबार के बारे में जानकारी ली।

एनजीओ संचालक कैसे बना करोड़ों का मालिक : आयकर विभाग इस बात की तफ्तीश में जुटी है कि एक साधारण से एनजीओ संचालक कैसे रातोंरात करोड़ों का आसामी बन गया। छापे के दौरान टीम ने अश्विनी शर्मा के घर से कई लग्जरी और विंटेज गाड़ियां भी बरामद कीं। अश्विनी शर्मा के रुतबे का पता इस बात से भी चलता है कि उसकी सभी गाड़ियों का नंबर 0001 है। अश्विनी शर्मा की पहचान भी इसी नंबर से होती थी।

कार्रवाई के दौरान टीम को पार्किंग में रेंजरोवर, मर्सिडीज और जैगुआर कंपनी की गाड़ियां मिलीं, जिनकी कीमत करोड़ों में है। इसके साथ ही जांच के दौरान ये भी पता चला है कि हाईप्रोफाइल लाइफ जीने वाला अश्विनी शर्मा अक्सर महंगी पार्टियों की मेजबानी भी करता था। अश्विनी शर्मा के आसपास रहने वाले लोग उसकी तरक्की देखकर चौंक जाते हैं। कुछ सालों पहले भोपाल की सड़कों पर टू व्हीलर से चलने वाला अश्विनी आज करोड़ों की अकूत संपत्ति का मालिक कैसे बन गया, इसका राज खंगालने में अब आयकर विभाग जुट गया है।

सत्ता के गलियारों में अच्छी पकड़ : एनजीओ संचालक अश्विनी शर्मा की सत्ता के गलियारों में अच्छी पकड़ है। आयकर विभाग ने कार्रवाई के दौरान उसके ठिकानों से ऐसी कई डायरियां बरामद की हैं, जिसमें कई अधिकारियों के नाम और उनके पोस्टिंग के लिए दिए जाने वाले पैसा का लेखा-जोखा है। मुख्यमंत्री कमलनाथ का  निजी सचिव प्रवीण कक्कड़ खुद को बीजेपी वाला बताता है।

सूत्र बताते हैं कि बीजेपी सरकार के समय भी अश्विनी शर्मा की सरकार में गहरी पैठ थी, वहीं प्रवीण कक्कड़ के बेटे के साथ अश्विनी शर्मा की गहरी दोस्ती बताई जा रही है। मध्यप्रदेश में कांग्रेस सरकार बनने के बाद अश्विनी शर्मा का रुतबा और बढ़ गया। इसके साथ ही राजनेताओं में अपनी पहुंच का फायदा अश्विनी सरकारी अफसरों के बीच उठाता था। पिछले दस सालों में अश्विनी ने कई विभागों में करोड़ों के काम भी अपने एनजीओ के नाम पर हासिल किए, जिसके कागजात आयकर विभाग के अफसरों को मिले हैं।

करोड़ों का कैश बरामद होने की खबर : आज कार्रवाई के दौरान अश्विनी शर्मा के ठिकानों पर आयकर विभाग के लोग पांच बड़े खाली बॉक्स लेकर पहुंचे। इसके बाद इस बात के कयास लगाए जा रहे हैं कि अश्विनी के ठिकानों से छापे की कार्रवाई के दौरान करोड़ों का कैश बरामद हुआ है। वहीं सूत्र बता रहे हैं कि पूरी कार्रवाई के दौरान आयकर विभाग हवाला कारोबार से जुड़े बड़े रैकेट का पर्दाफाश कर सकता है।

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