Publish Date: Fri, 13 Feb 2026 (18:43 IST)
Updated Date: Fri, 13 Feb 2026 (18:51 IST)
मध्यप्रदेश सरकार द्वारा आंगनवाड़ियों में दिए जाने वाले पोषण आहार (टेक होम राशन) की वितरण व्यवस्था में किए गए बदलावों के खिलाफ प्रदेश भर में विरोध के सुर तेज हो गए हैं। शुक्रवार को सागर और मंडला में बड़ी संख्या में स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं ने पोषण आहार संयंत्र के बाहर उग्र प्रदर्शन किया। महिलाओं का कहना है कि सरकार के इस फैसले से हजारों महिलाओं के हाथों से रोजगार छिन जाएगा और वे आर्थिक रूप से कमजोर हो जाएंगी। प्रदर्शनकारी महिलाओं ने सरकार को घेरते हुए इस नई व्यवस्था को तत्काल वापस लेने की मांग की है और चेतावनी दी है कि यदि मौजूदा व्यवस्था में कोई बदलाव हुआ तो आंदोलन और व्यापक होगा और भोपाल तक प्रदर्शन होगा।
क्या है पूरा मामला?- दअरल मध्यप्रदेश की मोहन सरकार 1166 करोड़ रुपए के पोषण आहार (टेक होम राशन) प्रोजेक्ट को महिला स्व-सहायता समूहों के हाथों से छीनने जा रही है।, जिसके तहत 33 लाख बच्चों और गर्भवती महिलाओं को मिलने वाले टेक होम राशन (THR) को तैयार करने का जिम्मा अब महिला स्व-सहायता समूहों के पास नहीं रहेगा। सरकार इस काम को नेशनल एग्रीकल्चरल कोऑपरेटिव मार्केटिंग फेडरेशन (NAFED) को सौंपने का प्रस्ताव कैबिनेट में लाने वाली है। चूंकि नेफेड खुद राशन तैयार नहीं करता, इसलिए यह आशंका जताई जा रही है कि यह काम फिर से निजी हाथों में चला जाएगा, जिससे प्रदेश के 141 करोड़ रुपये की लागत वाले सातों सरकारी पोषण आहार प्लांटों पर ताले लग जाएंगे।
इस फैसले से देवास, धार, होशंगाबाद, मंडला, सागर, शिवपुरी और रीवा में स्थित प्लांटों में काम करने वाली करीब 5 लाख महिलाएं सीधे तौर पर प्रभावित होंगी। इन समूहों से जुड़ी महिलाओं का कहना है कि प्लांट बंद होने से वे बेरोजगार हो जाएंगी और कई परिवारों की आजीविका पर संकट आ जाएगा। रीवा, मंडला और सागर जैसे जिलों के महिला समूहों ने गहरी चिंता जताई है कि प्राइवेट कंपनियां आने से स्थानीय महिलाएं बेरोजगार हो जाएंगी और कई परिवारों के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो जाएगा।