जानिए "प्रेम" पर महात्मा गांधी के 10 विचार...

1 यहां प्रेम होगा वहां जीवन होगा।
 
2 पाप से घृणा करो और पापी से प्यार से प्यार जिससे वो पाप को छोड़ दे। 
 
3 प्रेम की शक्ति हिंसा की शक्ति से कहीं ज्यादा अधिक बलवान है। 
 
4 किसी काम को प्रेम से करें या फिर करें ही ना। 
 
5 प्रेम में आपार शक्ति है, ये किसी को भी अपना बन सकता है।
 
6 एक कृत्य द्वारा किसी एक दिल को शी देना, प्रार्थना में झुके हज़ार सिरों से बेहतर है।
 
7 पाप से घृणा करो, पापी से प्रेम करो। 
 
8 जहां प्रेम है, वहां भगवान भी है।  
 
9 जिस दिन प्रेम की शक्ति, शक्ति के प्रेम को रद्द कर देगी, दुनिया शांति को जान पाएगी।
 
10 प्रेम दुनिया की सबसे बड़ी शक्ति है और फिर भी हम जिसकी कल्पना कर सकते है, उसमें सबसे नम्र है।

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