Miscellaneous Urdu 8
Select Your Language
हिन्दी
Hindi
English
English
தமிழ்
Tamil
मराठी
Marathi
తెలుగు
Telugu
മലയാളം
Malayalam
ಕನ್ನಡ
Kannada
ગુજરાતી
Gujarati
Notifications
Install App
समाचार
योगी आदित्यनाथ
उत्तर प्रदेश
मुख्य ख़बरें
राष्ट्रीय
अंतरराष्ट्रीय
प्रादेशिक
मध्यप्रदेश
छत्तीसगढ़
गुजरात
महाराष्ट्र
राजस्थान
क्राइम
फैक्ट चेक
ऑटो मोबाइल
व्यापार
मोबाइल मेनिया
बॉलीवुड
बॉलीवुड न्यूज़
हॉट शॉट
मूवी रिव्यू
वेब स्टोरी
पर्यटन
आने वाली फिल्म
खुल जा सिम सिम
बॉलीवुड फोकस
आलेख
सलमान खान
सनी लियोन
टीवी
मुलाकात
क्रिकेट
अन्य खेल
खेल-संसार
ज्योतिष
दैनिक राशिफल
रामशलाका
राशियां
आज का जन्मदिन
आज का मुहूर्त
लाल किताब
वास्तु-फेंगशुई
टैरो भविष्यवाणी
चौघड़िया
फीफा विश्वकप
इंदौर
खाटू श्याम बाबा
श्रीमद्भगवद्गीता
लाइफ स्टाइल
वीमेन कॉर्नर
सेहत
योग
NRI
मोटिवेशनल
रेसिपी
नन्ही दुनिया
पर्यटन
रोमांस
साहित्य
धर्म-संसार
एकादशी
श्री कृष्णा
रामायण
महाभारत
व्रत-त्योहार
धर्म-दर्शन
शिरडी साईं बाबा
श्रीरामचरितमानस
आलेख
सनातन धर्म
श्रीरामचरितमानस
मध्यप्रदेश
धर्म संग्रह
काम की बात
श्रीराम शलाका
एक्सप्लेनर
क्राइम
रामायण
महाभारत
फनी जोक्स
चुटकुले
वीडियो
फोटो गैलरी
अन्य
समाचार
योगी आदित्यनाथ
उत्तर प्रदेश
मुख्य ख़बरें
राष्ट्रीय
अंतरराष्ट्रीय
प्रादेशिक
मध्यप्रदेश
छत्तीसगढ़
गुजरात
महाराष्ट्र
राजस्थान
क्राइम
फैक्ट चेक
ऑटो मोबाइल
व्यापार
मोबाइल मेनिया
बॉलीवुड
बॉलीवुड न्यूज़
हॉट शॉट
मूवी रिव्यू
वेब स्टोरी
पर्यटन
आने वाली फिल्म
खुल जा सिम सिम
बॉलीवुड फोकस
आलेख
सलमान खान
सनी लियोन
टीवी
मुलाकात
क्रिकेट
अन्य खेल
खेल-संसार
ज्योतिष
दैनिक राशिफल
रामशलाका
राशियां
आज का जन्मदिन
आज का मुहूर्त
लाल किताब
वास्तु-फेंगशुई
टैरो भविष्यवाणी
चौघड़िया
फीफा विश्वकप
इंदौर
खाटू श्याम बाबा
श्रीमद्भगवद्गीता
लाइफ स्टाइल
वीमेन कॉर्नर
सेहत
योग
NRI
मोटिवेशनल
रेसिपी
नन्ही दुनिया
पर्यटन
रोमांस
साहित्य
धर्म-संसार
एकादशी
श्री कृष्णा
रामायण
महाभारत
व्रत-त्योहार
धर्म-दर्शन
शिरडी साईं बाबा
श्रीरामचरितमानस
आलेख
सनातन धर्म
श्रीरामचरितमानस
मध्यप्रदेश
धर्म संग्रह
काम की बात
श्रीराम शलाका
एक्सप्लेनर
क्राइम
रामायण
महाभारत
फनी जोक्स
चुटकुले
वीडियो
फोटो गैलरी
अन्य
Advertiesment
इतनी हिम्मत इतनी ताक़त दी है
मंगलवार, 15 फ़रवरी 2011
इतनी हिम्मत इतनी ताक़त दी है ख़ुदा ने 'अज़ीज़', दुनिया भर के भेद सभी पर खोले मेरी ग़ज़ल - अज़ीज़ अंस
सारी दुनिया में रोशनी कर जाऊँगा
मंगलवार, 15 फ़रवरी 2011
सिर्फ़ ज़र्रा हूँ अगर देखिए मेरी जानिब, सारी दुनिया में मगर रोशनी कर जाऊँगा।
दाग़ दामन पे जो लग जाए
मंगलवार, 1 फ़रवरी 2011
आदमियत पे लगा दाग़ मिटेगा कैसे, दाग़ दामन पे जो लग जाए तो कोई धोले।
बेच डाली हर एक शै मैंने
मंगलवार, 1 फ़रवरी 2011
बेच डाली हर एक शै मैंने, अपना बेचा मगर ज़मीर नहीं - अज़ीज़ अंसारी
मैंने बनाया घर तो वह
शुक्रवार, 28 जनवरी 2011
मैंने बनाया घर तो वह, पानी में बह गया, मैंने लगाया बाग़ तो बारिश नहीं हुई - अज़ीज़ अंसारी
अब खुदा ही चाहे तो
मंगलवार, 25 जनवरी 2011
अब खुदा ही चाहे तो हमको बचा ले ऐ अज़ीज़, हर तरफ़ तूफान और काग़ज़ की हैं सब कश्तियाँ - अज़ीज़ अंसार
सिर्फ़ पूजा नहीं वतन तुझको
मंगलवार, 25 जनवरी 2011
सिर्फ़ पूजा नहीं वतन तुझको, तुझपे ये जान भी फ़िदा की है - अज़ीज़ अंसारी
वो झूठ बोल रहा था
बुधवार, 19 जनवरी 2011
वो झूठ बोल रहा था बड़े सलीके से, मैं ऐतबार न करता तो और क्या करता - वसीम बरेलवी
दूर से देखो तो बस्ती में
बुधवार, 19 जनवरी 2011
दूर से देखो तो बस्ती में दिवाली, खुशहाली है, आग लगी हो शोर मचा हो, ये भी तो हो सकता है - अज़ीज़ अंसा
ग़र ये खेल ही दोबारा होगा
सोमवार, 10 जनवरी 2011
ऐ ज़िन्दगी! अब के ना शामिल करना मेरा नाम, ग़र ये खेल ही दोबारा होगा।
जीत ही लूँगा किसी दिल को
सोमवार, 10 जनवरी 2011
काम मुश्किल है मगर जीत ही लूँगा किसी दिल को, मेरे खुदा का अगर ज़रा भी सहारा होगा।
जंग है तबाही का नाम
सोमवार, 10 जनवरी 2011
जंग है तबाही का नाम दूसरा यारों, तुम भी अपने घर जाओ, हम भी अपने घर जाएँ।
हम आज भी दुनिया में बस
शुक्रवार, 7 जनवरी 2011
दौलत पे न ललचाएँ, ताक़त से न घबराएँ, हम आज भी दुनिया में बस प्यार के मारे हैं - अज़ीज़ अंसारी
जग को जी लो
बुधवार, 5 जनवरी 2011
चलो उठो तुम खुद से निकलो बाहर, जग को जी लो, जग में आकर - नामालूम
कोई निशान लगाते चलो
मंगलवार, 4 जनवरी 2011
कोई निशान लगाते चलो दरख़्तों पर, के इस सफ़र में तुम्हें लौट कर भी आना है ----रऊफ़ ख़ैर
सारी दुनिया में रोशनी कर जाऊँगा
मंगलवार, 4 जनवरी 2011
सिर्फ ज़र्रा हूँ अगर देखिए मेरी जानिब, सारी दुनिया में मगर रोशनी कर जाऊँगा - अज़ीज़ अंसारी
हज़ारों खुशियाँ कम है
मंगलवार, 28 दिसंबर 2010
हज़ारों खुशियाँ कम है, एक ग़म भुलाने के लिए, एक ग़म काफी है ज़िंदगी भर रूलाने के लिए।
चैन से तुझको जीना है
मंगलवार, 28 दिसंबर 2010
बस्ती-बस्ती फैल चुकी है बेचैनी की आग, चैन से तुझको जीना है तो वीराने में भाग।
ज़ख़्म खा के भी हमको तो
गुरुवार, 23 दिसंबर 2010
ग़मों की भीड़ में आँसू किसे बहाना है, के ज़ख़्म खा के भी हमको तो मुस्कुराना है - अज़ीज़ अंसारी
सरों पे माँ की दुआओं
गुरुवार, 23 दिसंबर 2010
सरों पे माँ की दुआओं का शामियाना है, हमारे पास तो अनमोल ये ख़ज़ाना है। शामियाना = छत्र, मंडप
Open App
X
होम
धर्म संग्रह
Shorts
फोटो
Reels