Publish Date: Wed, 27 Oct 2021 (14:18 IST)
Updated Date: Wed, 27 Oct 2021 (14:23 IST)
पटना। बिहार की राजधानी पटना के गांधी मैदान में 2013 में सीरियल ब्लास्ट हुआ था। इस मामले में एक विशेष एनआईए अदालत अपना फैसला सुनाया है। इन विस्फोटों ने राज्य की राजधानी के ऐतिहासिक मैदान को हिलाकर रख दिया था, जो तत्कालीन भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी का स्थल था। इस मामले में 9 लोगों को दोषी करार दिया गया है।
27 अक्टूबर, 2013 को मोदी गांधी मैदान में एक 'हुंकार' रैली को संबोधित करने पटना गए थे। सिलसिलेवार हुए धमाकों में रैली से ठीक पहले 6 लोगों की मौत हो गई और 90 से अधिक लोग घायल हो गए। हालांकि मोदी ने रैली को आगे बढ़ाया। उन्होंने विस्फोटों की निंदा कर शांति की अपील की। गांधी मैदान में विस्फोट से कुछ घंटे पहले पटना रेलवे स्टेशन पर एक नवनिर्मित शौचालय में एक कच्चा बम फट गया।
एनआईए ने 6 नवंबर 2013 को इस मामले को अपने हाथ में लेकर अगस्त 2014 में 11 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दायर की। इस मामले में इंडियन मुजाहिदीन (आईएम) के 9 संदिग्ध और स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (सिमी) के संदिग्ध आरोपी थे।