Publish Date: Fri, 14 Jul 2017 (23:32 IST)
Updated Date: Fri, 14 Jul 2017 (23:38 IST)
नई दिल्ली। सरकार ने सभी अधिसूचित वाणिज्यिक बैंकों के लिए कम से कम 10 प्रतिशत शाखाओं में नया आधार कार्ड बनाने या पुराने आधार कार्ड में अपडेट की सुविधा उपलब्ध करानी जरूरी कर दी है। बैंक चाहें तो वे दूसरे बैंकों के ग्राहकों को भी इन केंद्रों पर आधार बनाने या अपडेट कराने की सुविधा दे सकते हैं।
इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने बैंकों को भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) का रजिस्ट्रार बनने का निर्देश दिया है तथा कहा है कि ऐसा नहीं करने पर उन पर आधार एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी। बैंकों को 30 अगस्त तक कम से कम अपनी 10 प्रतिशत शाखाओं में आधार सुविधा शुरू करने का आदेश दिया गया है।
मंत्रालय की अधिसूचना में कहा गया है कि सरकार ने इस साल 31 दिसंबर तक सभी बैंक खातों को आधार से जोड़ने का आदेश दिया है अन्यथा ये बैंक खाते बंद कर दिए जाएंगे। देश में 100 करोड़ से ज्यादा बैंक खाते हैं और इसलिए लोगों को आधार बनवाने या अपडेट करने में असुविधा न हो इसके मद्देनजर बैंकों में ये सुविधाएं देनी जरूरी हैं।
बैंकों से कहा गया है कि आधार पंजीयन की सुविधा वाली शाखाओं का चयन इस प्रकार किया जाना चाहिए कि प्रत्येक जिला मुख्यालय में एक ऐसी शाखा जरूर हो। साथ ही अधिक से अधिक ताल्लुकों/प्रखंडों में ऐसी शाखाओं की मौजूदगी सुनिश्चित की जा सके।
यदि बैंक चाहें तो वे दूसरे बैंकों के ग्राहकों को भी इन केंद्रों पर आधार बनाने या अपडेट कराने की सुविधा दे सकते हैं। इस काम के लिए वे यूआईडीएआई द्वारा तय दरों के हिसाब से शुल्क भी वसूल सकेंगे।
बैंकों से कहा गया है कि वे आम लोगों, अपने ग्राहकों और यूआईडीएआई को आधार केंद्र वाली शाखाओं की जानकारी देंगे और उनकी सूची अपनी वेबसाइट पर भी जारी करेंगे। (वार्ता)