Publish Date: Sun, 27 Jan 2019 (11:46 IST)
Updated Date: Sun, 27 Jan 2019 (11:49 IST)
सुल्तानपुर। आम आदमी पार्टी (आप) के प्रवक्ता एवं राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने देश के सर्वोच्च पुरस्कार ‘भारत रत्न’ के चयन पर सवाल उठाते हए कहा है कि तीनों नाम पूरी तरह से राजनीति से प्रेरित है। सिंह ने कहा कि भाजपा इस पर भी राजनीति कर रही है और कांग्रेस की तरह इस सरकार ने भी शहीदों की शहादत को भुला दिया है।
सुल्तानपुर में सिंह ने कहा कि देश के महान स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने विदेश जाकर आजाद हिंद फौज की स्थापना की। उनके उस योगदान को आज भुला दिया। इतना ही नहीं भाजपा ने शहीद-ए-आजम भगत सिंह को भी भुला दिया गया, जिनके नाम से ही युवाओं में उत्साह उत्पन्न होता है। उन्होंने कहा कि भारत रत्न पुरस्कार के लिए डॉ. राम मनोहर लोहिया और हॉकी के जादूगर माने जाने वाले ध्यान चंद जिनके खेल का लोहा हिटलर भी मांगता था। उनको भी भुला दिया गया।
उन्होंने कहा कि आरएसएस के विचारधारा के नाना जी देशमुख को जो भाजपा के थे, भूपेश हजारिया निश्चित रूप से एक अच्छे गायक थे, वह भी भाजपा के सांसद रहे क्या इतना ही पर्याप्त है भारत रत्न के लिए। उन्होंने सवाल उठाया कि पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को किस योगदान के लिए इस पुरस्कार के लिए चुना गया। इसलिए कि वह आरएसएस के कार्यक्रम में गए और उन्होंने डॉ. हेडगेवार को भारत माता का सपूत कहा। यह एक बड़ा सवाल है।
आरटीआई सूचना का हवाला देते हुए सिंह ने कहा कि दुखद तो यह है कि आज भी शहीद-ए-आजम भगत सिंह, सुखदेव, राजगुरु आतंकी की सूची में है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी नेताजी की टोपी पहनकर कांग्रेस पर उनकी उपेक्षा का आरोप लगाते रहे लेकिन जब उनके सम्मान की बारी आई तो उन्हें भुला दिया गया।
संजय सिंह ने कहा कि निश्चित तौर पर कांग्रेस ने अपने लंबे कार्यकाल में इन शहीदों को भुलाया है और वही गलती भाजपा ने भी की। भाजपा को जनता ने बेहतरी के लिए ही चुना था लेकिन वह उनकी उम्मीद पर खरी नहीं उतरी। (वार्ता)
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Publish Date: Sun, 27 Jan 2019 (11:46 IST)
Updated Date: Sun, 27 Jan 2019 (11:49 IST)