Publish Date: Mon, 07 Oct 2019 (22:58 IST)
Updated Date: Wed, 09 Oct 2019 (08:17 IST)
नई दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने जनता द्वारा निवेश किए गए पैसे गबन करने के सिलसिले में आदर्श क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटी लिमिटेड (ACCSL) के 1489 करोड़ रुपए की चल और अचल संपत्तियां कुर्क की हैं।
ईडी ने एक बयान में कहा कि इन संपत्तियों में 1464.76 करोड़ रुपए की जमीन और भवन तथा विभिन्न बैंक खातों में जमा 24.44 करोड़ रुपए की जमा राशि शामिल हैं। बैंक खातों में यह जमा राशि मुकेश मोदी, वीरेंद्र मोदी और उसके परिवार के आदर्श समूह, महेंद्र टाक, सौरभ टाक के रिद्धि-सिद्धि समूह की हैं। इसमें अन्य आरोपियों की संपत्तियां भी शामिल हैं।
प्रवर्तन निदेशालय को धनशोधन में शामिल ये संपत्तियां राजस्थान, हरियाणा, नई दिल्ली, गुजरात, महाराष्ट्र और उत्तरप्रदेश में मिलीं तथा उन्हें धनशोधन रोकथाम अधिनियम, 2002 के तहत अंतरिम रूप से कुर्क किया।
एजेंसी ने एक प्राथमिकी के आधार पर जांच शुरू की थी। राजस्थान पुलिस ने आदर्श समूह के मुकेश, राहुल मोदी और अन्य तथा एसीसीएसएल के अधिकारियों एवं अन्य के खिलाफ धोखाधड़ी, विश्वासघात, प्रतिभूतियों के फर्जीवाड़े, आपराधिक साजिश को लेकर दिसंबर, 2018 में यह प्राथमिकी दर्ज की थी।
विभिन्न निवेशकों ने आदर्श क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड में निवेश किए गए पैसे को परिपक्वता के बाद नहीं लौटाए जाने पर मुकेश, राहुल और अन्य के खिलाफ शिकायत की थी, जिसके आधार पर प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
पीएमएलए के तहत की गई अब तक की जांच में सामने आया कि मुकेश ने अपने रिश्तेदारों वीरेंद्र, राहुल और अन्य साथियों के साथ मिलकर एसीसीएलएल के जमाकर्ताओं के पैसे की संबंधित अन्य फर्जी तरीके से हेराफेरी की।
ईडी ने कहा कि मुकेश, उसके रिश्तेदारों और साथियों ने फर्जी ऋण के मार्फत एसीसीएसएल का पैसा रीयल एस्टेट के कारोबार में लगाने के लिए कई कंपनियों/फर्म/ लिमिटेड देनदारी साझेदारियां बनाईं। इसके अलावा उसने अपराध के इस पैसे को इन कंपनियों में एसीसीएसएल की शेयर पूंजी के तौर पर लगाया।