Publish Date: Thu, 20 Dec 2018 (13:35 IST)
Updated Date: Thu, 20 Dec 2018 (13:39 IST)
जोधपुर। वायुसेना प्रमुख बीएस धनोआ ने बुधवार को राफेल को पासा पलटने वाला बताया और कहा कि उच्चतम न्यायालय ने फ्रांस के साथ हुए इस सैन्य विमान सौदे के खिलाफ दायर की गई याचिकाओं पर बहुत अच्छा फैसला दिया है। उन्होंने रक्षा खरीद के राजनीतिकरण के विरुद्ध सावधान किया और कहा कि पहले इसी की वजह से सेना को बोफोर्स तोप हासिल करने में देरी हुई थी।
उन्होंने से कहा कि मैं फैसले पर कुछ नहीं कहने जा रहा हूं, लेकिन उच्चतम न्यायालय ने बहुत अच्छा फैसला दिया है। उसने यह भी कहा कि इस विमान की सख्त जरूरत है। धनोआ ने कहा कि जहां तक प्रौद्योगिकी की बात है तो राफेल विमान के खिलाफ कोई तर्क नहीं है। रूस के साथ संयुक्त सैन्याभ्यास के मौके पर उनका बयान ऐेसे समय में आया है जब महज कुछ दिन पहले उच्चतम न्यायालय ने राफेल सौदे की जांच की मांग संबंधी याचिकाएं खारिज कर दीं।
कांग्रेस ने 36 राफेल विमानों के इस सौदे में अनियमितता का आरोप लगाया है और दावा किया है कि यह सरकार उस दाम से बहुत ऊंचे मूल्य पर ये विमान खरीद रही है, जिस पर पिछली सरकार बातचीत कर रही थी। धनोआ ने कहा कि वायुसेना ने यह पक्का किया है कि विमान में श्रेष्ठ युद्धक प्रणालियां हों।
उन्होंने कहा कि योजनाबद्ध खरीद में पहले ही काफी लंबा वक्त लग चुका है और इस दौरान भारत के पड़ोसियों ने अपना रक्षा आयुध भंडार उन्नत कर लिया है। उन्होंने कहा कि हमारे रणनीतिक परिदृश्य के मद्देनजर हमें इसकी जरूरत है। वह सरकार के इस कथन का समर्थन करते हुए जान पड़े कि विभिन्न हथियारों से लैस विमान के मूल्य विवरण का खुलासा होने से प्रतिद्वंद्वी उसकी क्षमता जान लेंगे।
वायुसेना प्रमुख ने कहा कि करदाताओं को यह जानने का हक है कि उनका पैसा कहां जाता है, लेकिन नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक यह सुनिश्चित करने के लिए हैं कि इसका सही ढंग से इस्तेमाल हो।