Publish Date: Tue, 04 Oct 2022 (14:14 IST)
Updated Date: Tue, 04 Oct 2022 (14:19 IST)
राजौरी। गृहमंत्री अमित शाह ने मंगलवार को कहा कि नरेन्द्र मोदी 2014 से प्रधानमंत्री बनें, तब उन्होंने सबसे पहले जम्मू-कश्मीर में पंचायत के चुनाव कराए। पहले जो सिर्फ तीन परिवार के पास था, आज 30 हजार के पास जम्मू-कश्मीर का शासन आया है।
उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में आज की ये रैली, मोदी, मोदी के नारे उन लोगों के लिए जवाब है, जो कहते थे कि अनुच्छेद 370 हटेगा तो जम्मू-कश्मीर में आग लग जाएगी, खून की नदियां बह जाएंगी।
आजादी से लेकर 2019 तक पूरे जम्मू-कश्मीर में 15 हजार करोड़ रुपए का औद्योगिक निवेश आया था। 2019 से अब तक इन 3 वर्ष में 56 हजार करोड़ रुपए का औद्योगिक निवेश पूरे जम्मू-कश्मीर में आया है।
गृहमंत्री शाह ने राजौरी में कहा कि मोदी जी ने 5 अगस्त 2019 को एक महत्वपूर्ण फैसला दिया, जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 और 35A को उखाड़ कर फेक दिया। अगर अनुच्छेद 370 और 35A नहीं हटता तो जम्मू-कश्मीर में ट्राइबल रिजर्वेशन नहीं मिलता। अनुच्छेद 370 और 35A हटने से यहां पिछड़ों को, दलितों को, आदिवासियों को और पहाड़ियों को अपना अधिकार मिलने वाला है।
अमित शाह ने कहा कि पहले आए दिन जम्मू-कश्मीर से पथराव के समाचार आते थे। आज पथराव के समाचार नहीं आते हैं। मोदी जी ने जम्मू-कश्मीर के युवाओं को सशक्त करने का काम किया है।
देश में सरकार बदली, 2014 से नरेन्द्र मोदी जी प्रधानमंत्री बनें, तब मोदी जी ने सबसे पहले जम्मू-कश्मीर में पंचायत के चुनाव कराए। पहले जो सिर्फ तीन परिवार के पास था, आज 30 हजार के पास जम्मू-कश्मीर का शासन आया है।
उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में तीन परिवारों ने भ्रष्टाचार करने में कोई कसर नहीं छोड़ी थी। आज मोदी जी पूरे जम्मू-कश्मीर के 27 लाख परिवारों को पांच लाख तक का स्वास्थ्य का पूरा खर्च उठा रहे हैं, 70 वर्ष में इन तीन परिवारों ने दिया क्या?