Publish Date: Fri, 17 Dec 2021 (16:29 IST)
Updated Date: Fri, 17 Dec 2021 (16:36 IST)
नई दिल्ली। लोकसभा में शुक्रवार को राष्ट्रीय डोपिंगरोधी विधेयक, 2021 पेश किया गया जिसमें राष्ट्रीय डोपिंग रोधी अभिकरण एवं इससे संबंधित परीक्षण प्रयोगशालाओं के संचालन को कानूनी स्वरूप प्रदान करने का प्रावधान किया गया है।
निचले सदन में विपक्षी सदस्यों के शोर-शराबे के बीच खेल और युवा मामलों के मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने 'राष्ट्रीय डोपिंगरोधी विधेयक, 2021' पेश किया। कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस और द्रमुक समेत विपक्षी दलों के सदस्य उत्तरप्रदेश के लखीमपुर खीरी मामले में केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा को बर्खास्त करने की मांग करते हुए आसन के समीप आकर नारेबाजी कर रहे थे।
विधेयक के उद्देश्यों एवं कारणों में कहा गया है कि भारत ने खेल में डोपिंग के विरुद्ध संयुक्त राष्ट्र शैक्षणिक, वैज्ञानिक एवं सांस्कृतिक संगठन संबंधी अंतरराष्ट्रीय समझौते पर हस्ताक्षर किया था और नवंबर 2007 में इसका अनुमोदन किया था।
इसके आलोक में भारत सरकार ने 2008 में राष्ट्रीय डोप परीक्षण प्रयोगशाला स्थापित की और इसके अधीन 2009 में राष्ट्रीय डोपिंगरोधी अभिकरण ने भारत की प्रतिबद्धता को पूरा किया। इसका उद्देश्य राष्ट्रीय डोपिंगरोधी अभिकरण एवं इससे संबंधित परीक्षण प्रयोगशालाओं के संचालन को कानूनी स्वरूप प्रदान करना है। राष्ट्रीय डोपिंगरोधी विधेयक, 2021 में अन्य बातों के साथ खेल में डोपिंगरोधी कार्य के लिए एक राष्ट्रीय बोर्ड की स्थापना की बात कही गई है तथा इसमें संरचना, शक्तियों एवं कार्यों का ब्योरा दिया गया है।
इसमें अनुशासन की प्रक्रियाओं को अंगीकृत करने, नमूने, निरीक्षण, संग्रहण एवं सूचना के मुक्त प्रवाह को सुनिश्चित करने की बात कही गई है। इसमें राष्ट्रीय डोप परीक्षण प्रयोगशाला और अन्य डोप परीक्षण प्रयोगशालाओं की स्थापना का उपबंध किया गया है। इसका उद्देश्य भारत में खेलों को डोपमुक्त बनाने के लिए खेलों में डोपिंग नियंत्रण कार्यक्रम चलाने के लिहाज से रूपरेखा एवं तंत्र को प्रोत्साहित करना है।