Publish Date: Sun, 29 Jul 2018 (22:33 IST)
Updated Date: Sun, 29 Jul 2018 (22:47 IST)
नई दिल्ली। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल के बीच शीतयुद्ध जारी है। रविवार को उन्होंने भरी भीड़ में दिल्ली में सीसीटीवी प्रोजेक्ट से जुड़ी उपराज्यपाल कमेटी की रिपोर्ट को सरेआम यह कहकर फाड़ दिया कि जनता यही चाहती है।
एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री केजरीवाल ने कहा 'जनता की मर्जी है कि भई इस रिपोर्ट को फाड़ दो। जनता जनार्दन है इस जनतंत्र में...' इतना कहने के बाद उन्होंने सीसीटीवी प्रोजेक्ट से जुड़ी उपराज्यपाल कमेटी की रिपोर्ट के चार टुकड़े कर डाले।
क्या है पूरा मामला : असल में दिल्ली सरकार और उपराज्यपाल के बीच पिछले कई दिनों से तनातनी चल रही है। सीसीटीवी प्रोजेक्ट के बारे में उपराज्यपाल कमेटी ने रिपोर्ट दी है, जिसमें कहा गया है कि यदि कोई व्यक्ति सुरक्षा की दृष्टि से खुद के खर्चे पर सीसीटीवी कैमरे लगवाना चाहता है तो उसे पुलिस से लाइसेंस लेना होगा।
थानों के भीतर पैसा चढ़ाओ और लाइसेंस ले जाओ : उपराज्यपाल कमेटी की इस रिपोर्ट से नाराज केजरीवाल ने कहा कि इस तरह के फरमान से यही साबित होता है कि थानों के भीतर पैसा चढ़ाओ और लाइसेंस ले जाओ। यही कारण है कि आज उन्होंने सरे आम इस रिपोर्ट के चिंदे करके एक बार उपराज्यपाल को चुनौती दे डाली है।
उन्होंने आरोप लगाया कि इस कमेटी में पुलिस अधिकारी शामिल हैं, जिसकी वजह से थानों से लाइसेंस लेने की बाध्यता डाली जा रही है। उपराज्यपाल अनिल बैजल का कहना था कि हमारा उद्देश्य महज सीसीटीवी लगाना नहीं बल्कि लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।