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शरजील इमाम के बयान पर भड़के असदुद्दीन ओवैसी, बोले- भारत कोई मुर्गी की गर्दन नहीं, जिसे कोई भी तोड़ दे

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रविवार, 26 जनवरी 2020 (17:56 IST)
जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी के छात्र शरजील इमाम के 'पूर्वोत्तर को भारत से अलग करने' के बयान पर विवाद बढ़ता जा रहा है। अब हैदराबाद से सांसद और एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने भी शरजील के बयान पर पलटवार किया है। ओवैसी ने कहा‍ कि भारत कोई मुर्गी की गर्दन नहीं है, जिसे तोड़ा जा सके।
 
ओवैसी ने कहा कि 'भारत को या उसके किसी क्षेत्र को कोई तोड़ नहीं सकता। यह एक मुल्क है, कोई मुर्गी की गर्दन नहीं है जिसे तोड़ा जा सके। ओवैसी ने कहा कि ऐसे बयान को कतई स्वीकार नहीं किया जा सकता है। मैं ऐसी बातों की निंदा करता हूं और ऐसी वाहियात बातों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
 
क्या कहा था शरजील ने : शनिवार को सोशल मीडिया पर शरजील इमाम का एक वीडियो वायरल हुआ था। इस वीडियो में शरजील लोगों को भड़काने के साथ ही देश विरोधी बातें करता हुआ दिखाई दे रहा है।
 
शरजील ने लोगों को भड़काते हुए कहा कि 'आप जानते हो असम में मुसलमानों के साथ क्या हो रहा है? एनआरसी वहां लागू हो चुका है और लोगों को डिटेंशन कैंपों में भेजा जा रहा है।
 
शरजील ने कहा कि हमें असम के रास्ते बंद करने होंगे जिससे सेना और अन्य सप्लाई वहां न पहुंच सके। मुर्गी की गर्दन मुसलमानों के हाथ में है।
 
दिल्ली पुलिस ने दर्ज किया मामला : दिल्ली पुलिस ने शरजील इमाम पर संशोधित नागरिकता कानून और राष्ट्रीय नागरिक पंजी के खिलाफ भड़काऊ भाषण देने के आरोप में रविवार को मामला दर्ज किया। इसके अतिरिक्त अलीगढ़ में भी शरजील के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। दिल्ली पुलिस ने बताया कि इमाम के खिलाफ भादंसं की धारा 124 ए, 153ए और 505 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
 
पुलिस के अनुसार बिहार निवासी और जवाहलाल नेहरू विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र शरजील ने ‘सीएए और एनआरसी के विरोध में काफी उकसाऊ और भड़काने वाले भाषण’ दिए। 
 
पुलिस ने कहा कि शरजील ने पिछले साल 13 दिसंबर को भी जामिया मिलिया इस्लामिया में भी ऐसा ही भाषण दिया था और इसके बाद सरकार के खिलाफ उकसावे वाला एक और भाषण दिया जो सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से चल रहा है।
 
पुलिस ने बताया कि इन भाषणों से ‘धार्मिक सौहार्द्रता और भारत की एकता एवं अखंडता के नुकसान पहुंचाने की संभावना’ है जिसके लिए उसके खिलाफ मामला दर्ज किया गया।
 
इमाम को एक ऑडियो क्लिप में यह कहते हुए सुना गया कि असम को भारत के शेष हिस्से से काटना चाहिए और सबक सिखाना चाहिए क्योंकि वहां बंगाली हिंदुओं और मुस्लिम दोनों की हत्या की जा रही है या उन्हें निरोध केंद्रों में रखा जा रहा है।
 
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) परिसर में 16 जनवरी को दिए भाषण के लिए इमाम के खिलाफ शनिवार को राजद्रोह का मामला दर्ज किया गया। असम पुलिस ने उसके भाषण को लेकर उसके खिलाफ उग्रवादरोधी कानून यूएपीए के तहत एक प्राथमिकी भी दर्ज की है। (एजेंसियां)

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