Publish Date: Wed, 24 Jul 2019 (17:47 IST)
Updated Date: Wed, 24 Jul 2019 (17:56 IST)
पिछले 6 महीनों से देश में वाहनों की बिक्री में लगातार गिरावट आ रही है। यही कारण है कि ऑटो सेक्टर में मंदी छा रही है और उत्पादन ठप होने से लाखों लोगों की नौकरियों पर खतरा मंडराने लगा है।
खबरों के मुताबिक, ऑटो सेक्टर देशभर में 50 लाख से अधिक लोगों को रोजगार देता है, लेकिन अब इस क्षेत्र में मंदी छाने और उत्पादन कम होने से 10 लाख लोगों की नौकरी खतरे में आ गई है। मंदी का मुख्य कारण जीएसटी, BS IV से BS VI में गाड़ियों को बदलने के लिए निवेश और इलेक्ट्रिक वाहन शुरू करने के लिए ठोस पॉलिसी का न होना माना जा रहा है।
वाहनों की बिक्री में लगातार गिरावट से देशभर में कई सारे शोरूम भी बंद हो गए हैं। ऐसे में कंपनियों के पास पहले का स्टॉक भी उठ नहीं पा रहा है। कई कंपनियों ने अपने कर्मचारियों को छुट्टी पर भेज दिया है। अगर ऐसा ही रहा तो कंपनियां उन्हें नौकरी से हटाने पर भी मजबूर हो सकती हैं।
एक्मा ने की जीएसटी घटाने की गुहार : देश में वाहनों की मांग में गिरावट से त्रस्त भारतीय ऑटोमोटिव उपकरण निर्माता संघ (एक्मा) ने सरकार से उपकरणों पर वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) की दर घटाकर एक समान 18 प्रतिशत किए जाने की गुहार लगाई है।
एक्मा के अध्यक्ष राम वेंकटरमानी ने सभी प्रकार के ऑटो उपकरणों पर वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) की दर को एक समान 18 प्रतिशत किए जाने की गुहार लगाते हुए चीन से सस्ते आयात को नियंत्रित करने की भी जरुरत बताई। फिलहाल जीएसटी की दरें 18 और 28 प्रतिशत हैं।
रमानी ने आयात विशेषकर चीन से बढ़ते आयात पर चिंता जताई। समाप्त वित्त में उद्योग का आयात एक साल पहले के 106672 करोड़ रुपए की तुलना में 14.4 प्रतिशत बढ़कर 123688 करोड़ रुपए हो गया। कुल आयात में 61 प्रतिशत हिस्सा एशिया का रहा, जबकि यूरोप और उत्तर अमेरिका से आयात क्रमश 29 और 8 प्रतिशत रहा।