Publish Date: Sat, 04 Nov 2017 (23:33 IST)
Updated Date: Sat, 04 Nov 2017 (23:38 IST)
नई दिल्ली। प्रमुख मुस्लिम संगठन जमात-ए-इस्लामी हिंद ने शनिवार को कहा कि रामजन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद का समाधान अब अदालत के बाहर नहीं हो सकता और इस मामले में उच्चतम न्यायालय का फैसला ही स्वीकार्य होगा। दरअसल, हाल ही में ‘आर्ट ऑफ लिविंग’ के संस्थापक और आध्यात्मिक गुरु श्रीश्री रविशंकर ने अयोध्या मामले को अदालत से बाहर हल करने के मकसद से बातचीत के लिए मध्यस्थता की पेशकश की थी।
जमात-ए-इस्लामी के अध्यक्ष मौलाना जलालुद्दीन उमरी ने कहा कि जमात-ए-इस्लामी हिंद अदालत से बाहर किसी समाधान के सुझाव को खारिज करती है। अदालत का फैसला ही हमें स्वीकार होगा। ‘पापुलर फ्रंट ऑफ इंडिया’ (पीएफआई) नामक संगठन को आने वाले समय में प्रतिबंधित किए जाने से संबंधित खबरों पर जमात-ए-इस्लामी के महासचिव सलीम इंजीनियर ने कहा कि हम संगठनों पर पाबंदी लगाने के चलन के खिलाफ हैं। हां, अगर किसी संगठन ने कानून का उल्लंघन किया है तो उस पर कानून के तहत कार्रवाई होनी चाहिए, परंतु किसी संगठन को प्रतिबंधित नहीं किया जाना चाहिए।
उत्तरप्रदेश पुलिस द्वारा हाल में की गई मुठभेड़ पर सवाल खड़ा करते हुए उन्होंने कहा कि मीडिया की खबरों के मुताबिक उत्तरप्रदेश में कथित अपराधियों के खिलाफ पिछले छ: महीने में बड़ी संख्या में मुठभेड़ हुईं, जिनमें बहुत से लोग मारे गए। यह चिंता का विषय है। हम मांग करते हैं कि राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग इसका संज्ञान ले। (भाषा)