Publish Date: Wed, 24 Aug 2022 (10:31 IST)
Updated Date: Wed, 24 Aug 2022 (10:37 IST)
नई दिल्ली। नीतीश कुमार के फ्लोर टेस्ट से पहले बिहार में सियासी घमासान मच गया। सीबीआई ने आज सुबह कोषाध्यक्ष और MLC सुनील सिंह, सांसद फयाज अहमद, अशफाक करीम समेत 4 राजद नेताओं के यहां छापेमारी की। सूत्रों का कहना है कि सीबीआई ने नौकरी घोटाले में कथित जमीन को लेकर छापेमारी की है।
सीबीआई ने रांची से लेकर पटना, मधुबनी तक छापेमारी की है। सुनील सिंह, अशफाक करीम, फयाज अहमद और सुबोध राय के यहां रेड की है। यह तीनों राजद नेता लालू यादव के करीबी माने जाते हैं। रेड के दौरान CRPF की तैनाती की गई है।
राजद ने दावा किया कि यह छापेमारी फ्लोर टेस्ट से पहले डराने के लिए की गई है। वहीं भाजपा ने कहा कि अगर ये लोग सही है तो डरने की क्या आवश्यकता है।
MLC सुनील सिंह ने रेड को राजनीतिक साजिश बताते हुए कहा कि यह कार्रवाई भाजपा के निर्देश पर हुई है। यह जानबूझकर किया जा रहा है। इसका कोई मतलब नहीं है।
गौरतलब है कि सीबीआई ने नौकरी के बदले जमीन घोटाला मामले में पूर्व रेल मंत्री एवं राजद के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव, उनकी पत्नी एवं बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी, दो पुत्रियों, नौकरशाह और कुछ अन्य व्यक्तियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी।
आरोप के अनुसार, लालू प्रसाद यादव के रेल मंत्री रहते हुए रेलवे में ग्रुप डी की बहाली में लोगों को नौकरियां दिलाई गईं और इसके बदले में जमीन लालू परिवार के लोगों के नाम पर करवा दी गईं।
इसके साथ ही जांच में सामने आया कि रेलवे की ओर से उन पदों पर भर्ती के लिए कोई अधिसूचना जारी ही नहीं की गई थी। लालू परिवार के लोगों ने इस कथित घोटाले में एक लाख वर्ग फुट से अधिक की जमीन अपने नाम करवा ली थी। इससे पहले सीबीआई लालू परिवार के कई ठिकानों पर छापेमारी कर चुकी है। इसके अलावा सीबीआई ने पिछले महीने इस मामले में राजद अध्यक्ष के करीबी भोला यादव को गिरफ्तार भी किया है।
उल्लेखनीय है कि नीतीश कुमार कुछ दिन पहले ही भाजपा का साथ छोड़कर राजद की मदद से बिहार में सरकार बनाई है। नीतीश सरकार को आज विधानसभा में बहुमत साबित करना है।