Publish Date: Thu, 22 Nov 2018 (11:05 IST)
Updated Date: Thu, 22 Nov 2018 (11:20 IST)
नई दिल्ली। जम्मू कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने बुधवार को अचानक विधानसभा को भंग कर दिया। महबूबा मुफ्ती के सरकार बनाने संबंधी दावे के कुछ ही देर बाद राज्यपाल द्वारा उठाए गए इस कदम से राजनीति गरमा गई।
वरिष्ठ कांग्रेस नेता पी चिंदबरम ने भी राज्यपाल पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि लोकतंत्र का वेस्टमिंसटर का मॉडल अब आउटडेटेड हो गया है। यह गुजरात मॉडल हैं जो जम्मू कश्मीर के राज्यपाल को अपील कर रहा है।
चिदंबरम ने कहा कि जब किसी ने भी राज्य में सरकार बनाने का दावा नहीं किया तो राज्यपाल विधानसभा को स्थगित कर बेहद खुश थे। जैसे ही किसी ने दावा किया उन्होंने विधानसभा भंग कर दी।
जम्मू कश्मीर विधानसभा भंग होने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी नेता ने बुधवार की रात कहा कि प्रदेश में एक महागठबंधन के विचार ने ही भाजपा को बेचैन कर दिया।
महबूबा ने ट्वीट किया, 'एक राजनेता के रूप में मेरे 26 वर्ष के कैरियर में, मैंने सोचा था कि मैं सब कुछ देख चुकी हूं ...। मैं उमर अब्दुल्ला और अंबिका सोनी का तहेदिल से आभार व्यक्त करना चाहती हूं जिन्होंने हमें असंभव दिखने वाली चीज को हासिल करने में मदद की।'
नेशनल कांफ्रेंस के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने ट्वीट किया कि उनकी पार्टी पांच महीनों से विधानसभा भंग किए जाने का दबाव बना रही थी। यह कोई संयोग नहीं हो सकता कि महबूबा मुफ्ती के दावा पेश किए जाने के कुछ ही मिनटों के भीतर अचानक विधानसभा को भंग किए जाने का आदेश आ गया।