Publish Date: Tue, 07 Jan 2020 (23:12 IST)
Updated Date: Tue, 07 Jan 2020 (23:16 IST)
नई दिल्ली। कांग्रेस ने संशोधित नागरिकता कानून (CAA) के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों और कई विश्वविद्यालय परिसरों में हिंसा के मद्देनजर मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तुलना अडोल्फ हिटलर से करते हुए कहा कि भाजपा का प्रचार तंत्र और कार्य उसी नाजी शासन की याद दिलाते हैं।
कांग्रेस ने अपने आधिकारिक टि्वटर हैंडल पर लिखा, 'हिटलर, क्या तुम लोक कल्याण मार्ग पर हो?' पार्टी ने कहा, 'भाजपा के तरीके, प्रचार तंत्र और कार्य हमें जर्मनी वाली तानाशाही की याद दिलाते हैं। हमारा देश एक महत्वपूर्ण मोड़ पर है, अब केवल गांधीजी के सत्य और अहिंसा वाले गुण ही हमें बचा सकते हैं।'
उसने दावा किया, 'सीएए ने एनआरसी के साथ मिलकर हिटलर शासन द्वारा पारित नस्लीय शुद्धता कानूनों का रास्ता तय किया, जिसके कारण लाखों लोगों की तबाही हुई थी। नाजी शासन का एक बड़ा हिस्सा पूरी तरह से असहमति को दबाने के लिए था, जिसके लिए वे राज्य की मशीनरी, हिंसा और भीड़ का इस्तेमाल करते थे। कोई भी सभ्य समाज अपनी सरकार के ऐसे व्यवहार को स्वीकार नहीं कर सकता है।'
मुख्य विपक्षी पार्टी ने सवाल किया, 'हमें खुद से पूछना चाहिए, क्या ये सरकार हमें उसी रास्ते पर ले जा रही है।'
कांग्रेस ने 'माई फ्यूरर टू माई फकीर' शीर्षक वाले एक तीखे लेख में प्रधानमंत्री मोदी, भाजपा और आरएएस पर कड़ा प्रहार किया और आरोप लगाया कि राष्ट्रवाद के नाम पर दुष्प्रचार फैलाकर बर्बरता, गैरकानूनी हिरासत और विरोध को दबाने का सिलसिला चलाया जा रहा है।
पार्टी ने यह दावा भी किया, 'इसमें कोई संदेह नहीं है कि आरएसएस ने द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान यूरोप में उभरे दक्षिणपंथी समूहों से प्रेरणा ली...RSS जर्मनी में यहूदी विरोध से मुख्य रूप से प्रेरित हुआ।'