Publish Date: Sat, 04 Sep 2021 (15:44 IST)
Updated Date: Sat, 04 Sep 2021 (15:53 IST)
नई दिल्ली। कांग्रेस ने संयुक्त प्रवेश परीक्षा (जेईई) में कथित धांधली के एक हालिया प्रकरण का हवाला देते हुए शनिवार को कहा कि उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश की अध्यक्षता में समिति बनाकर पिछले साल वर्षों के दौरान हुई प्रमुख प्रवेश परीक्षाओं की जांच कराई जाए। पार्टी प्रवक्ता गौरव वल्लभ ने यह भी कहा कि 'युवाओं के भविष्य' से खिलवाड़ के लिए राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) और केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय जवाबदेह हैं।
उन्होंने कहा कि भाजपा की सरकारों में पेपर लीक होना पुरानी बात है। यह सिलिसला व्यापमं से शुरू हुआ था और अब जेईई तक पहुंच गया है। देश के भविष्य और युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ हुआ है। 'पेपर लीक सरकार' को युवाओं को जवाब देना होगा, क्योंकि युवाओं की सीट बेची जा रही है।
वल्लभ के मुताबिक हरियाणा के सोनीपत शहर से जेईई (मुख्य) परीक्षा पेपर लीक किए जाने का मामला सामने आया है। वहां कम्प्यूटर में रिमोट एक्सेस के जरिए सवालों को कोई दूसरा हल कर रहा था। यह कक्षा 12वीं के बाद सबसे प्रतिष्ठित परीक्षा है। लेकिन 70 साल में पहली बार इसमें भी धांधली हुई है। उन्होंने जोर देकर कहा कि एनटीए का गठन केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय द्वारा किया गया था। हम शिक्षा मंत्री और एनटीए को सीधे जवाबदेह मानते हैं। वल्लभ ने कहा कि हमारी मांग है कि उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश की अगुवाई में समिति बने और पिछले 7 वर्षों में हुईं प्रमुख प्रवेश परीक्षाओं की जांच हो। यह पता लगाया जाए कि इन मामलों में कौन लोग शामिल थे।(भाषा)
webdunia
Publish Date: Sat, 04 Sep 2021 (15:44 IST)
Updated Date: Sat, 04 Sep 2021 (15:53 IST)