Publish Date: Tue, 24 Apr 2018 (20:05 IST)
Updated Date: Tue, 24 Apr 2018 (20:07 IST)
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने सजा-ए-मौत के लिए फांसी को सबसे बेहतर विकल्प, जबकि जहरीली सुई और अन्य उपायों को तुलनात्मक दृष्टि से अमानवीय बताया है।
केंद्र सरकार ने मौत की सजा के तरीकों में बदलाव को लेकर ऋषि मल्होत्रा की याचिका पर सुनवाई के दौरान मंगलवार को हलफनामा दायर करके फांसी को सजा-ए-मौत का सबसे बेहतर विकल्प करार दिया है।
सरकार का कहना है कि जहरीली सुई लगाकर, गोली मारकर, करंट या गैस चैंबर जैसे तरीकों को अपनाना फांसी की तुलना में अमानवीय है। न्यायालय ने पिछली सुनवाई में केंद्र सरकार से पूछा था कि क्या सजा-ए-मौत में फांसी के अलावा कोई और वैकल्पिक तरीका भी हो सकता है। इसी के बाद केंद्र सरकार ने न्यायालय में हलफनामा दायर किया है।
याचिकाकर्ता ने फांसी को मौत का सबसे दर्दनाक और बर्बर तरीका बताते हुए जहरीली सूई लगाने, गोली मारने, गैस चैंबर या बिजली के झटके देने जैसी सजा की मांग की थी। (वार्ता)