Publish Date: Sun, 31 May 2020 (19:19 IST)
Updated Date: Sun, 31 May 2020 (19:51 IST)
जम्मू। अंततः पाकिस्तान के उस ‘जासूस’ कबूतर को आजादी दे दी गई है, जिसका जासूस होने का अपराध साबित नहीं हो सका। उसे उसके मालिक की फरियाद के बाद आजाद कर दिया गया है।
जम्मू कश्मीर पुलिस ने आखिर इसे मान लिया कि इंटरनेशनल बार्डर पार कर जिला कठुआ के हीरानगर सेक्टर में कुछ दिन पहले पकड़ा गया पाकिस्तानी कबतूर किसी साजिश के तहत यहां नहीं भेजा गया था। कबूतर एक पाकिस्तानी मछुआरे का था।
कबूतर से संबंधित यह जानकारी मिलने के बाद जम्मू कश्मीर पुलिस ने कबूतर को आजाद कर दिया। हालांकि पुलिस ने इस संबंध में नहीं बताया कि उन्होंने कबूतर को कहां आजाद किया और वह अपने मालिक तक पहुंचा या नहीं?
एसएसपी कठुआ शैलेंद्र मिश्रा ने कबूतर को आजाद करने की पुष्टि करते हुए बताया कि उससे संबंधित कोई संदिग्ध बात सामने नहीं आई। जांच करने पर पता चला कि यह कबूतर पाकिस्तानी मछुआरे का है, जो गलती से इस ओर आ गया था। यह बात सामने आने पर उसे आजाद कर दिया गया।
दरअसल पाकिस्तानी मछुआरे हबीबुल्ला ने भी पाकिस्तानी मीडिया के जरिए यह बात स्वीकारी की हीरानगर में सुरक्षाबलों ने जो कबूतर पकड़ा है, उसका है। उसका गांव सीमा से चार किलोमीटर की दूरी पर है और उसने ही अपना यह कबूतर ईद के दिन हवा में छोड़ा था।
वह रास्ता भटकरकर सीमा पार चला गया। उसके पांव में जो रिंग पड़ी है, उस पर लिखा कोड उसका मोबाइल नंबर है। उसने पाकिस्तानी मीडिया के माध्यम से भारत सरकार से उसके कबूतर को वापस करने का आग्रह भी किया था।
25 मई को हीरानगर के सीमांत गांव मनियारी में कुछ ग्रामीणों ने एक कबूतर को पकड़ा, जिसके पैर में लोहे की रिंग पहनाई गई थी। उस पर कुछ लिखा भी हुआ था। लोगों ने समझा कि यह कबूतर किसी साजिश के तहत पाकिस्तान द्वारा यहां भेजा गया है और उसके पैरों पर पहनाई गई रिंग पर अंकित कोड यह दर्शाता है। लिहाजा ग्रामीणों ने कबूतर को पुलिस के हवाले कर दिया।
पुलिस का कहना है कि कबूतर के पंखों के कुछ हिस्से में लाल रंग लगाया गया था जबकि उसके पैर में फंसी रिग पर लिखा कोड सुरक्षा एजेंसियों के लिए जांच का विषय बन गया। पुलिस को लगा कि पाकिस्तान ने कोड के बहाने जासूसी का नया तरीका निकाल लिया है। (प्रतीकात्मक फोटो)
About Writer
सुरेश एस डुग्गर
सुरेश डुग्गर वेबदुनिया के लिए जम्मू कश्मीर से समाचार संकलन के लिए अधिकृत हैं। वे तीन दशक से ज्यादा समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं।....
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