कश्मीर में धोनी, जानिए क्या-क्या काम कर रहे हैं 'कैप्टन कूल'

सुरेश डुग्गर

बुधवार, 7 अगस्त 2019 (18:27 IST)
जम्मू। धारा 370 हटने के बाद पैदा हुए माहौल के बीच भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को फिलहाल कश्मीर में आतंकवाद विरोधी अभियानों से दूर रखा गया है। उन्हें सिर्फ गार्ड, पोस्ट तथा गश्त की ड्यूटी दी गई है, जिसे वे बखूबी निभा रहे हैं।
 
कश्मीर के मौजूदा हालात में वह अवंतीपोरा हाईवे पर अपने साथी सैन्यकर्मियों के साथ गश्त करते भी दिख रहे हैं। यही नहीं अवंतीपोरा में विक्टर फोर्स मुख्यालय की तरफ जाने वाले रास्ते के बाहरी छोर पर वह अपनी जिप्सी के साथ गत रोज काफी देर तक खड़े रहते हैं। जबकि उनके अधीनस्थ जवानों का एक दस्ता उनसे कुछ दूरी पर खड़ा रहता था।
 
विक्टर फोर्स में अपनी सैन्य जिंदगी के सफर के वीडियो महेंद्र सिंह धोनी ने सोशल मीडिया पर भी शेयर किए हैं। वॉलीबाल खेलते हुए, बूट पालिश करते हुए उन्होंने अपनी तस्वीरें व वीडियो शेयर किए। कभी-कभी फिल्म का गीत मैं पल दो पल का शायर हूं... भी वह गुनगुनाते हुए एक वीडियो में नजर आ रहे हैं। यह वीडियो भी सोशल मीडिया पर चल रहा है।
 
उनके पास सोने के लिए कोई बड़ा कमरा नहीं है, महज दस फुट का कमरा है जिसमें किंगसाइज बेड नहीं बल्कि एक तख्त पर बिछा बिस्तर है। सैन्य डयूटी को अंजाम देने के साथ उन्हें निर्धारित समय पर सुबह-शाम मैदान में पीटी भी करनी पड़ रही है। क्रिकेट की जगह अब वॉलीबाल खेल रहे हैं।
 
धोनी भी एक सैन्याधिकारी के रूप में अपनी नई जिंदगी का पूरा मजा ले रहे हैं। वह सुबह-शाम अपने सहयोगी सैन्य अधिकारियों व जवानों के साथ पीटी कर रहे हैं। उनके साथ वॉलीबाल खेल रहे हैं। अपने सभी निजी कार्य वह खुद कर रहे हैं। जूते भी वह खुद ही चमका रहे हैं। वह अपने अधीनस्थ अधिकारियों और जवानों की हाजिरी लेने साथ उनके लिए काम भी आवंटित कर रहे हैं। इसके अलावा वह अपने वरिष्ठ अधिकारियों को अपने दिन के कामकाज की रिपोर्ट भी दे रहे हैं।
 
दक्षिण कश्मीर में आतंकरोधी अभियानों का संचालन कर रही सेना की विक्टर फोर्स के अवंतीपोरा स्थित मुख्यालय में ही 106 टीए बटालियन तैनात है। विक्टर फोर्स मुख्यालय की सुरक्षा की जिम्मेदारी इनके पास ही है। संबधित अधिकारियों के अनुसार धोनी को आतंकरोधी अभियानों की ड्‍यूटी नहीं दी गई है। इसके अलावा एक लेफ्टिनेंट कर्नल के तौर पर जो भी काम हैं, उन्हें आवंटित गए हैं। वह 15 अगस्त तक यहीं कश्मीर में रहेंगे।

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