Publish Date: Tue, 09 May 2017 (16:38 IST)
Updated Date: Tue, 09 May 2017 (16:41 IST)
दिल्ली विधानसभा में ईवीएम मशीन के साथ छेड़छाड़ का आप विधायक सौरभ भारद्वाज ने डेमो दिखाकर यह साबित करने का प्रयास किया कि दिल्ली एमसीडी सहित सभी चुनावों में चुनावों के दौरान छेड़ड़छाड़ हुई है। इसके जवाब में चुनाव आयोग ने कहा कि ईवीएम मशीन में किसी भी तरह का सीक्रेट कोड नहीं होता और इस मशीन के मदर बोर्ड के साथ छेड़छाड़ नहीं की जा सकती।
चुनाव आयोग ने कहा कि EVM का मदर बोर्ड आम आदमी खोल ही नहीं सकता, जिस ईवीएम का डेमो किया गया वह पहले से प्रोग्राम किया गया था।
दरअसल, अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली विधानसभा में ईवीएम का जो डेमो प्रस्तुत करवाया क्या वह इसे चुनाव आयोग के समक्ष या प्रेस कॉन्फ्रेंस करके नहीं कर सकते थे? उन्होंने इसके लिए विधानसभा का उपयोग ही नहीं किया बल्कि देश की चुनाव सिस्टम और देश के सबसे बड़े लोकतंत्र पर सवाल उठाएं हैं।
भारद्वाज ने डेमो के जरिए बताया कि ईवीएम में टैंपरिंग सीक्रेट कोड से ही हो जाती है। इसके लिए ईवीएम से प्रत्यक्ष तौर पर छेड़छाड़ करने की जरूरत नहीं होती. सिर्फ सीक्रेट कोड के जरिए ही वोट ट्रांसफर कर दिए जाते हैं। भारद्वाज पूरे सदन के सामने डेमो में ईवीएम के जरिए वोटों के ट्रांसफर का खेल समझाया. भारद्वाज ने बताया कि हर पार्टी का अलग कोड होता है। इसी कोड को वोटिंग के बीच में पार्टी का ही कोई शख्स वोट करने के साथ ही ईवीएम में डाल देता है। इसके बाद पड़ने वाला हर वोट उसी पार्टी को जाता है, जिसका कोड ईवीएम में डाला जाता है।
हर पार्टी का अलग कोड होता है. कोड के जरिए ही ईवीएम से छेड़छाड़ होती है। भारद्वाज ने डेमो देते हुए बताया कि वोटर ईवीएम से वोट डालने के बाद सीक्रेड कोड ईवीएम में डाल देता है, जिसके बाद जो कोड डाला जाता है उसी प्रत्याशी को वोट चला जाता है। इसके जवाब में चुनाव आयोग ने कहा कि ईवीएम में किसी भी प्रकार का कोड डालना संभव नहीं है क्योंकि इसके मदरबोर्ड के साथ छेड़छाड़ नहीं की जा सकती। और वह भी ऐसे समय जबकि चुनाव में वोटिंग की जा रही हो।
आम आदमी पार्टी से निलंबित नेता कपिल मिश्रा की ओर से दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल पर लगाए गए सनसनीखेज आरोपों के बाद मंगलवार को दिल्ली विधानसभा के विशेष सत्र पर सबकी नजरें थीं। उम्मीद की जा रही थी कि केजरीवाल अपने ऊपर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों का जवाब देंगे, लेकिन अाम आदमी पार्टी ने यहां ईवीएम से कथित तौर पर छेड़छाड़ का मामला उठा कर ध्यान भयकाने का कार्य किया है।