EVMHackathon : अमेरिकी एक्सपर्ट के दावों से आया भूचाल, गोपीनाथ मुंडे की मौत को जोड़ा हैकिंग से...

EVM हैकिंग के दावों में कितनी सचाई, चुनाव आयोग ने दिया था चैलेंज

मंगलवार, 22 जनवरी 2019 (11:35 IST)
सोमवार को लंदन में अमेरिकी साइबर एक्सपर्ट सैयद शुजा द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंस में 2014 के लोकसभा चुनाव में EVM हैक के दावे के बाद भूचाल आ गया है। शुजा ने कहा कि उसी के दम पर बीजेपी की जीत हुई थी। इसके साथ ही शुजा का यह भी दावा है कि भाजपा नेता गोपीनाथ मुंडे की मौत हादसे में नहीं हुई थी, बल्कि उनकी हत्या की गई थी। शुजा के मुताबिक गोपीनाथ मुंडे और गौरी लंकेश की मौत के तार कहीं न कहीं EVM हैकिंग से जुड़े हुए हैं। शुजा के EVMHack के दावों को चुनाव आयोग ने नकार दिया है। शुजा इन दावों को लेकर कोई ठोस सबूत पेश नहीं कर पाए।


निर्वाचन आयोग ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दावों को नकारा : निर्वाचन आयोग की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि भारतीय निर्वाचन आयोग (ईसीआई) के संज्ञान में आया है कि लंदन में हुए एक इवेंट में यह दिखाने का दावा किया गया है कि ईसीआई जिन वोटिंग मशीनों का प्रयोग करता है, उनमें छेड़छाड़ की जा सकती है। चुनाव आयोग मजबूती के साथ इस निश्चित तथ्य के साथ है कि भारत में चुनाव के दौरान आयोग जिन ईवीएम का इस्तेमाल करता है वह पूरी तरह सुरक्षित (फुल प्रूफ) हैं।

आयोग की विज्ञप्ति में आगे कहा गया है कि यह दोहराना जरूरी है कि ये EVM भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड और इलेक्ट्रॉनिक्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड तैयार करते हैं। उस दौरान कड़ी निगरानी और कड़ी सुरक्षा रहती है। साल 2010 में गठित तकनीकी विशेषज्ञों की कमेटी हर चरण पर तय मानकों के मुताबिक कड़ी निगरानी करती है। आयोग ने अपनी विज्ञप्ति में कहा है कि यह भी देखा जा रहा है कि इस मामले में क्या कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

चुनाव आयोग ने दिया था हैक का चैलेंज : EVM की विश्व‍सनीयता पर पहले भी सवाल उठते रहे हैं। वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव के बाद विपक्ष के कई दलों ने EVM पर सवाल उठाए थे। चुनाव आयोग ने देश की राजनीतिक पार्टियों को EVM हैकिंग का चैलेंज भी दिया था। इस चैलेंज में सिर्फ दो पार्टियां एनसीपी और सीपीएम ही पहुंची थीं, लेकिन इन दोनों पार्टियों ने वहां चैलेंज में हिस्सा नहीं लिया, बल्कि चुनाव आयोग ने जो कुछ दिखाया उसे केवल देखा।

आम आदमी पार्टी ने कहा था ड्रामा, दिया था अपना डेमो : आम आदमी पार्टी ने आयोग की ओर से दी गई चुनौती को 'ड्रामा' बताते हुए कहा था कि वह इसमें शामिल नहीं होगी। आप ने दिल्ली विधानसभा में EVM से मिलती-जुलती मशीन पर डेमो देकर दावा किया था कि EVM से छेड़छाड़ की जा सकती थी। चुनाव आयोग ने इन दावों को भी खारिज किया था।

कौन है सैयद शुजा : बताया जा रहा है कि सैयद शुजा एक साइबर सिक्योरिटी रिसर्चर है, जो हैदराबाद का रहने वाला है और फिलहाल अमेरिका में नौकरी करता है। सैयद शुजा का कहना है कि वह भारत में वोटिंग के लिए ईवीएम मशीन बनाने वाली टीम का हिस्सा था। शुजा के अनुसार वह भारत इलेक्ट्रॉनिक्स निगम लिमिटेड (ECIL) में काम करता था।

प्रेस कॉन्‍फ्रेंस में सैयद शुजा ने दावा किया कि साल 2014 में उसकी टीम को किसी भी तरह EVM मशीन को हैक करने के लिए कहा गया था। शुजा के मुताबिक जब उनकी टीम ने EVM हैक कर दी तो हैदराबाद में उसके ऊपर जानलेवा हमला हुआ। वह इस हमले में बच गया लेकिन उसके साथी इसमें मारे गए।

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