Publish Date: Mon, 11 Feb 2019 (18:34 IST)
Updated Date: Mon, 11 Feb 2019 (19:12 IST)
नई दिल्ली। फेसबुक ने देश में आम चुनाव से पहले फर्जी खबरों पर लगाम लगाने की मुहिम के तहत इंडिया टुडे समूह, फैक्टली तथा फैक्ट क्रीसेंडो समेत 5 नए भागीदार बनाए हैं। इससे पहले फेसबुक बूम और समाचार एजेंसी एएफपी के साथ भी करार कर चुकी है।
कंपनी ने जारी बयान में कहा कि ये भागीदारियां तृतीय पक्ष तथ्य जांच कार्यक्रम के तहत की गई हैं। तीसरे पक्ष के ये संगठन फेसबुक पर पोस्ट, तस्वीर या वीडियो के माध्यम से परोसी जा रहीं गलत एवं भ्रामक सामग्रियों की समीक्षा करेंगे।
फेसबुक ने कहा कि सोमवार से इंडिया टुडे समूह, विश्वास डॉट न्यूज, फैक्टली, न्यूज मोबाइल और फैक्ट क्रीसेंडो तथ्यों की परख के लिए फेसबुक के न्यूज स्टोरीज की समीक्षा करेंगे और उनके सही होने की रेटिंग देंगे। उसने कहा कि यह समीक्षा अंग्रेजी, हिन्दी, बंगाली, तेलुगु, मलयालम और मराठी भाषा की सामग्रियों के लिए की जाएगी।
फेसबुक ने कहा कि तथ्यों की परख करने वाले ये संगठन जब किसी स्टोरी को फर्जी बता देंगे तब उक्त स्टोरी का न्यूज फीड में प्रसार स्वत: कम हो जाएगा। बार-बार फर्जी खबर देने वाले फेसबुक पेज और डोमेन को विज्ञापन पाने और पैसे कमाने की श्रेणी से भी निकाल दिया जाएगा। फेसबुक ने कहा कि इस तरीके से उसे फर्जी खबरों का न्यूज फीड में प्रसार 80 प्रतिशत तक कम करने में सफलता मिली है। (भाषा)