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दिल्ली में कड़ी सुरक्षा, किसान दोपहर 12 से 3 बजे तक करेंगे चक्काजाम

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शनिवार, 6 फ़रवरी 2021 (00:30 IST)
नई दिल्ली। आंदोलनकारी किसानों द्वारा देश के कई हिस्सों में चक्का जाम करने की योजना से पहले केंद्र ने दिल्ली पुलिस को राष्ट्रीय राजधानी में सभी प्रमुख प्रतिष्ठानों की कड़ी सुरक्षा सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है, ताकि 26 जनवरी की लाल किले जैसी कोई घटना नहीं हो। 
 
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि दिल्ली पुलिस को न्यूनतम बल प्रयोग करने का निर्देश दिया गया है, लेकिन यह भी कहा गया है कि सुरक्षाकर्मियों के लिए खतरा बनने वाले लोगों से सख्ती से निपटा जाए।
 
आधिकारिक सूत्रों ने शुक्रवार को बताया कि ये निर्देश केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हुई एक उच्च स्तरीय बैठक में जारी किए गए। बृहस्पतिवार को हुई इस बैठक में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, दिल्ली पुलिस आयुक्त एसएन श्रीवास्तव सहित अन्य शामिल हुए।
सूत्रों ने बताया कि दिल्ली पुलिस को संसद भवन, इंडिया गेट जैसे राष्ट्रीय महत्व के स्थानों पर फुलप्रूफ सुरक्षा सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। बैठक के दौरान इस बात पर जोर दिया गया कि गणतंत्र दिवस पर हुई हिंसा की घटना की पुनरावृत्ति नहीं होनी चाहिए।
 
दिल्ली पुलिस ने मंत्रालय को बताया कि वह उत्तरप्रदेश और हरियाणा पुलिस के साथ समन्वय कर रही है ताकि यह सुनिश्चित किय जा सके कि चक्का जाम के दौरान हिंसा की कोई घटना ना हो तथा आम आदमी को कम से कम असुविधा हो।
संयुक्त किसान मोर्चा ने इस हफ्ते की शुरूआत में घोषणा की थी कि शनिवार को दोपहर 12 बजे से तीन बजे तक तीन घंटों के लिए राष्ट्रव्यापी चक्का जाम किया जाएगा। हालांकि, भारतीय किसान यूनियन के नेताओं के मुताबिक दिल्ली, उप्र और उत्तराखंड को चक्का जाम से छूट दी गई है।
 
सूत्रों ने बतया कि इस बीच, सरकार ने यह फैसला भी किया है कि चक्काजाम के मद्देनजर जहां कहीं जरूरत होगी, वहां अतिरिक्त अर्द्धसैनिक बल भेजे जाएंगे। गौरतलब है कि केंद्र के नए कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग करते हुए पिछले करीब दो महीने से अधिक समय से दिल्ली की सीमाओं पर किसान प्रदर्शन कर रहे हैं।
चक्काजाम शांतिपूर्ण होगा : संयुक्त किसान मोर्चा ने कहा कि 6 फरवरी को दिल्ली में ‘चक्काजाम' नहीं होगा और इसने कहा कि देश के अन्य हिस्से में किसान तीन घंटे तक राजमार्गों को शांतिपूर्ण तरीके से जाम करेंगे। ‘चक्काजाम’ शनिवार को दोपहर 12 बजे से अपराह्न 3 बजे तक आयोजित करने का प्रस्ताव है।
 
दिल्ली में प्रवेश के सभी मार्ग खुले रहेंगे, केवल वही मार्ग बंद रहेंगे, जहां किसानों का प्रदर्शन चल रहा है। पंजाब, हरियाणा और पश्चिम उत्तर प्रदेश सहित देश के विभिन्न हिस्से के हजारों किसान दिल्ली की तीन सीमाओं- सिंघू, टीकरी और गाजीपुर में 70 से अधिक दिनों से प्रदर्शन कर रहे हैं और केंद्रीय कृषि कानूनों को पूरी तरह वापस लेने की मांग कर रहे हैं।
संगठन के मुताबिक किसान आंदोलन स्थलों के आसपास के क्षेत्र में इंटरनेट बंद करने के खिलाफ तीन घंटे के लिए राजमार्गों को जाम करेंगे। चक्काजाम अपराह्न तीन बजे एक मिनट के लिए वाहनों के हॉर्न बजाकर समाप्त किया जाएगा। इसका उद्देश्य किसानों के साथ एकजुटता एवं समर्थन जताना है।
 
गाजीपुर में हुक्का, लंगर का दौर जारी : दिल्ली-उत्तर प्रदेश राजमार्ग पर गाजीपुर बॉर्डर प्रदर्शनस्थल पर शुक्रवार को एक तरफ जहां युवा लंगर सेवा में जुटे दिखाई दिए, वहीं बुजुर्ग समूह बनाकर धूप सेंकते हुए हुक्का गुड़गुड़ाते नजर आए। ये सभी तीन नए कृषि कानूनों के विरोध में बॉर्डर पर जमे हुए हैं।
 
पुरुषों के साथ एकजुटता प्रदर्शित करने के लिए महिलाओं के छोटे समूहों का भी प्रदर्शनस्थल पर जमावड़ा है। किसान गत नवंबर से ही इन केंद्रीय कानूनों की वापसी की मांग को लेकर आंदोलनरत हैं। प्रदर्शन स्थल पर तीन तरफ से लगाई गई सुरक्षा सामग्री के बीच करीब 2000 लोगों की भीड़ कृषि कानूनों के खिलाफ भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत के साथ मोर्चेबंदी करती नजर आई।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बिजनौर से आए रामबीर सिंह ने कहा कि जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं होतीं, हम यहां से नहीं जाएंगे। सिंह ने कहा- मैं नवंबर में आंदोलन में शामिल हुआ था और कुछ काम के सिलसिले में करीब एक महीने बाद वापस चला गया था और फिर से गाजीपुर वापस आ गया हूं। टिकैत ने बृहस्पतिवार को कहा था कि किसान आंदोलन इस साल के अक्टूबर तक भी खिंच सकता है।
 
मोबाइल इंटरनेट सेवाओं पर प्रतिबंध बढ़ाया गया : हरियाणा के सोनीपत और झज्जर जिलों में शनिवार शाम तक मोबाइल इंटरनेट सेवाएं निलंबित रहेंगी। केंद्र के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे किसान आंदोलन के बीच राज्य के कुछ जिलों में शांति और कानून व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने से रोकने के लिए मोबाइल इंटरनेट सेवाओं को निलंबित कर दिया गया है।
शुक्रवार को जारी बयान में कहा गया कि हरियाणा सरकार ने दो जिलों सोनीपत और झज्जर में मोबाइल इंटरनेट सेवाओं (2जी/3जी/4जी/सीडीएमए/जीपीआरएस), एसएमएस सेवाओं (केवल बल्क एसएमएस) और वॉयस कॉल को छोड़कर मोबाइल नेटवर्क पर प्रदान की करने वाली सभी डोंगल सेवाओं का निलंबन 6 फरवरी को शाम 5 बजे तक बढ़ा दिया है।
 

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