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गृह मंत्रालय के अधिकारी ने कहा- 1987 से पहले जन्‍मे लोग कहलाएंगे भारतीय नागरिक

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Ministry of Home Affairs
नई दिल्ली। अगर किसी के माता-पिता में कोई भी एक भारत का नागरिक है तो गृह मंत्रालय के एक अधिकारी के अनुसार ऐसे बच्‍चों को भारतीय नागरिक माना जाएगा।
 
संशोधनों के मुताबिक असम को छोड़कर शेष देश में अगर किसी के माता-पिता में कोई भी एक भारत का नागरिक है और अवैध अप्रवासी नहीं है तो ऐसे बच्‍चों को भारतीय नागरिक माना जाएगा। प्रवक्‍ता ने भी बताया कि किस-किस दस्‍तावेज के जरिये आप अपनी भारतीय नागरिकता साबित कर सकते हैं।
अधिकारी के अनुसार जो लोग 1987 से पहले भारत में जन्‍मे हैं या जिनके माता-पिता 1987 से भारत में पैदा हुए हैं, उन्‍हें प्रामाणिक भारतीय नागरिक माना जाएगा। अधिकारी ने कहा कि ऐसे लोगों को नागरिकता संशोधन कानून 2019 को लेकर चिंता करने की कोई परेशान होने की जरूरत नहीं है, साथ ही ऐसे लोगों को पूरे देश में लागू होने वाले नेशनल रजिस्‍टर ऑफ सिटीजंस को लेकर परेशान होने की भी जरूरत नहीं है।
 
किसी भी एक का भारतीय होना जरूरी : 2004 में नागरिकता कानून में किए गए संशोधनों के मुताबिक असम को छोड़कर शेष देश में माता-पिता में कोई भी एक भारत का नागरिक है और वह अवैध अप्रवासी नहीं है तो ऐसे बच्‍चों को भारतीय नागरिक माना जाएगा। यह स्‍पष्‍टीकरण देशभर में नागरिकता कानून 2019 के खिलाफ हो रहे प्रदर्शनों के बीच आया है। अधिकारी ने कहा कि कानून को लेकर सोशल मीडिया पर जो कई तरह की बातें हो रही हैं, उनमें से ज्‍यादातर गलत हैं।

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