मैं 56 की हूं, क्या सबरीमाला मंदिर में जा सकती हूं, जमकर ट्रोल हुईं तसलीमा...

नई दिल्ली। अपने उपन्यास 'लज्जा' को लेकर सुर्खियों में आईं बांग्लादेशी लेखिका तसलीमा नसरीन ने ट्‍वीट कर पूछा है कि मैं 56 वर्ष की हो चुकी हूं, क्यां मुझे सबरीमाला मंदिर में प्रवेश मिल सकता है। 
 
तसलीमा ने ट्‍वीट में यह भी कहा कि मैं नास्तिक हूं। हालांकि इस ट्‍वीट के बाद तसलीमा जमकर ट्रोल हुईं। किसी ने उन्हें हिन्दू धर्म अपनाने की सलाह दी तो किसी ने कहा कि उन्हें मस्जिद में जाना चाहिए।
 
दलीप पंचोली नामक ट्‍विटर हैंडल पर लिखा गया कि ऐसी कोशिश बांग्लादेश में घुसने की भी करो, जबकि संदीपसिंह जादौन नामक व्यक्ति ने ट्‍वीट किया कि पहले मस्जिद में जाओ और पुरुषों के साथ नमाज अदा करो। 
 
दीपक बुडकी नामक ट्‍विटर हैंडल से लिखा गया कि यदि आप नास्तिक हैं तो फिर मंदिर में प्रवेश क्यों करना चाहती हैं? एक अन्य व्यक्ति ने लिखा कि वह कोई पर्यटन स्थल नहीं है। मोहन राव नामक व्यक्ति ने लिखा कि आप किसी गुरु ने सान्निध्य में 41 दिन का व्रत रखकर मंदिर में प्रवेश कर सकती हैं।
 
दूसरी ओर तसलीमा ने एक अन्य ट्‍वीट में लिखा कि मैंने सिर्फ साधारण सा सवाल पूछा है। ऐसे में मूर्खतापूर्ण और गाली-गलौज वाले कमेंट क्यों किए जा रहे हैं।

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