Publish Date: Fri, 18 May 2018 (23:20 IST)
Updated Date: Sat, 19 May 2018 (00:07 IST)
नई दिल्ली। एक सर्वेक्षण के अनुसार देश के 13 राज्यों के 75 प्रतिशत परिवारों का मानना है कि पिछले 1 साल के दौरान भ्रष्टाचार या तो बढ़ा है या पुराने स्तर पर ही टिका रहा है, वहीं 27 प्रतिशत ने पिछले 1 साल के दौरान किसी सार्वजनिक सुविधा के लिए घूस देने की बात स्वीकार की।
गैरलाभकारी संगठन (एनजीओ) सेंटर फॉर मीडिया स्टडीज (सीएमएस) द्वारा किए गए सर्वेक्षण इंडिया करप्शन स्टडी में 13 राज्यों आंध्रप्रदेश, बिहार, दिल्ली, कर्नाटक, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, पंजाब, राजस्थान, तमिलनाडु, तेलंगाना, उत्तरप्रदेश एवं पश्चिम बंगाल के 200 से अधिक ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के 2,000 से अधिक लोग शामिल हुए।
सर्वेक्षण में सार्वजनिक वितरण प्रणाली, बिजली, चिकित्सा, न्यायिक सेवाएं, भूमि-आवास, परिवहन, महात्मा गांधी ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना शामिल रहे। सीएमएस के सर्वेक्षण के अनुसार इन 13 राज्यों में लोगों ने इस सेवाओं के लिए इस दौरान 2,500 से 2,800 करोड़ रुपए की घूस दी गई।
रिपोर्ट में कहा गया कि लोगों ने पहचान पत्र बनवाने के लिए भी घूस देने की बातें स्वीकार कीं। करीब 7 प्रतिशत लोगों ने आधार कार्ड बनवाने तथा 3 प्रतिशत लोगों ने मतदाता पहचान पत्र बनवाने के लिए घूस देने की बातें स्वीकार कीं। उत्तरप्रदेश के पूर्व पुलिस महानिदेशक प्रकाश सिंह ने सीएमएस के चेयरमैन डॉ. एन. भास्कर राव के साथ रिपोर्ट जारी की। (भाषा)