Publish Date: Mon, 09 Aug 2021 (19:20 IST)
Updated Date: Mon, 09 Aug 2021 (19:23 IST)
नई दिल्ली। पेगासस जासूसी विवाद के बीच सरकार ने सोमवार को कहा कि उसने एनएसओ (NSO) समूह के साथ कोई लेन-देन नहीं किया है।
रक्षा राज्यमंत्री अजय भट्ट ने एक सवाल के लिखित जवाब में राज्यसभा को यह जानकारी दी। उनसे सवाल किया गया था कि क्या सरकार ने एनएसओ ग्रुप टैक्नॉलोजीस के साथ कोई लेन-देन किया था। भट्ट ने इसके जवाब में कहा कि रक्षा मंत्रालय ने एनएसओ ग्रुप टैक्नॉलोजीस़ के साथ कोई लेन-देन नहीं किया है।
उल्लेखनीय है कि इसराइल की निगरानी सॉफ्टवेयर कंपनी एनएसओ समूह पर भारत सहित कई देशों में लोगों के फोन पर नजर रखने के लिए पेगासस सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करने के आरोप लग रहे हैं। पेगासस जासूसी मुद्दे को लेकर संसद के मानसून सत्र में विपक्ष लगातार हंगामा कर रहा है जिससे दोनों सदनों की कार्यवाही बाधित होती रही है।
आईटी मंत्री ने रिपोर्टों को किया खारिज : आईटी और संचार मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भारतीयों की जासूसी के लिए पेगासस सॉफ्टवेयर के इस्तेमाल संबंधी मीडिया रिपोर्टों को खारिज कर दिया था। उन्होंने कहा था कि संसद के मानसून सत्र से ठीक पहले लगाए गए आरोपों का मकसद भारतीय लोकतंत्र की छवि को खराब करना है।
सूचना प्रौद्योगिकी और संचार मंत्री अश्विनी वैष्णव ने पेगासस सॉफ्टवेयर के जरिए भारतीयों की जासूसी करने संबंधी खबरों को सोमवार को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि संसद के मॉनसून सत्र से ठीक पहले लगाए गए ये आरोप भारतीय लोकतंत्र की छवि को धूमिल करने का प्रयास हैं।
संसद के दोनों सदनों में दिये गए अपने एक बयान में वैष्णव ने कहा था कि जब देश में नियंत्रण एवं निगरानी की व्यवस्था पहले से है तब अनधिकृत व्यक्ति द्वारा अवैध तरीके से निगरानी संभव नहीं है।
सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्री का यह बयान मीडिया में आई उन खबरों के मद्देनजर था कि कुछ राजनीतिक नेताओं, सरकारी अधिकारियों, पत्रकारों सहित कई भारतीयों की निगरानी के लिये पेगासस स्पाइवेयर का उपयोग किया गया था।