क्या है घुमावदार पटरियों से जलगांव ट्रेन हादसे का कनेक्शन?
जलगांव में आग लगने के डर से पुष्पक एक्सप्रेस के यात्री पटरियों पर कूदे, कर्नाटक एक्सप्रेस की चपेट में आने से 13 लोगों की मौत
Publish Date: Thu, 23 Jan 2025 (08:18 IST)
Updated Date: Thu, 23 Jan 2025 (08:41 IST)
Maharashtra train accident : उत्तरी महाराष्ट्र के जलगांव जिले में बुधवार शाम एक ट्रेन में आग की अफवाह के बाद पटरी पर उतरे कुछ यात्री पास की पटरी पर विपरीत दिशा से आ रही दूसरी ट्रेन की चपेट में आ गए। बताया जा रहा है कि कर्नाटक एक्सप्रेस की दृश्यता प्रथम दृष्टया घुमावदार पटरियों के कारण प्रभावित हुई, जिसकी चपेट में आने से 13 यात्रियों की मौत हो गई।
मध्य रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पुष्पक एक्सप्रेस के चालक ने नियम के अनुसार फ्लैशर लाइट चालू कर दी थी, जब ट्रेन मुंबई से करीब 400 किलोमीटर दूर माहेजी और परधाडे स्टेशनों के बीच रुकी। कर्नाटक एक्सप्रेस के चालक ने पुष्पक एक्सप्रेस के फ्लैशर लाइट सिग्नल को देखने के बाद ब्रेक लगाए।
उन्होंने प्रारंभिक जानकारी का हवाला देते हुए कहा कि हालांकि, पटरियों के घुमावदार होने के कारण ट्रेन (कर्नाटक एक्सप्रेस) की दृश्यता और इसके ब्रेक लगने की दूरी प्रभावित हुई। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, इस खंड पर ट्रेन 100 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक की रफ्तार से चलती हैं।
कैसे हुआ हादसा : यह हादसा उस समय हुआ जब 12533 लखनऊ-मुंबई पुष्पक एक्सप्रेस में सवार यात्री आग लगने के डर से जल्दबाजी में बगल की पटरियों पर कूद गए और बेंगलुरु से दिल्ली जा रही कर्नाटक एक्सप्रेस की चपेट में आ गए। दुर्घटना में 15 अन्य यात्री घायल भी हुए हैं। यह दुर्घटना उस समय हुई जब शाम करीब 4:45 बजे किसी ने चेन खींच दी जिसके बाद पुष्पक एक्सप्रेस रुक गई। हालांकि, रेलवे बोर्ड के सूचना एवं प्रचार विभाग के कार्यकारी निदेशक दिलीप कुमार ने इस बात से इनकार किया कि डिब्बे के अंदर किसी चिनगारी या आग के कारण यात्रियों ने अलार्म बजाया।
रेलवे सुरक्षा आयुक्त करेंगे जांच : महाराष्ट्र के जलगांव जिले में बुधवार को कर्नाटक एक्सप्रेस द्वारा पटरियों पर यात्रियों को कुचलने की घटना की परिस्थितियों की जांच रेलवे सुरक्षा आयुक्त मनोज अरोड़ा करेंगे। वह आज मुंबई से 400 किलोमीटर दूर पचोरा के निकट परधाडे और माहेजी रेलवे स्टेशनों के बीच दुर्घटना स्थल पर पहुंचेंगे। सीआरएस यात्रियों और प्रत्यक्षदर्शियों के साथ ही दुर्घटना में शामिल रेलगाड़ियों के चालक दल के सदस्यों से भी बात करेंगे।
edited by : Nrapendra Gupta