Publish Date: Sat, 11 Jan 2020 (21:01 IST)
Updated Date: Sat, 11 Jan 2020 (21:06 IST)
नई दिल्ली। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) छात्रसंघ ने शनिवार को आरोप लगाया कि पुलिस को 5 जनवरी को हिंसा होने से बहुत पहले भीड़ के जमा होने की सूचना दी गई थी जिसकी उसने अनदेखी की।
जेएनयू छात्रसंघ ने दावा किया, उन्होंने दोपहर 3 बजे इसकी सूचना दी और 3 बजकर 7 मिनट पर पुलिस इसे पढ़ चुकी थी, बावजूद इसकी अनदेखी की गई।
उन्होंने आरोप लगाया कि छात्राओं और छात्रसंघ पदाधिकारियों पर हमले में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) से संबद्ध अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) के लोग शामिल हैं।
छात्रसंघ ने कहा कि अभाविप सदस्यों ने 4 जनवरी को भी छात्राओं के साथ मारपीट की थी और जब छात्रसंघ महासचिव सतीशचंद्र यादव ने हस्तक्षेप किया तो उनके साथ भी मारपीट की गई।
छात्रसंघ ने कहा, हमलावरों ने साबरमती छात्रावास के चुनिंदा कमरों को निशाना बनाया और यहां तक किछात्राओं को बालकनी से बाहर फेंक दिया, लेकिन उन्होंने अभाविप कार्यकर्ताओं के कमरों को नहीं छुआ।