Publish Date: Mon, 21 Dec 2020 (07:36 IST)
Updated Date: Mon, 21 Dec 2020 (10:47 IST)
वर्ष 2020 में अद्भुत खगोलीय घटना होने जा रही है। करीब 400 साल बाद बृहस्पति और शनि के बहुत करीब आने तथा एक चमकदार तारे की तरह दिखने का दुर्लभ नजारा 21 दिसंबर को आसमान में देखा जा सकेगा। जब दो खगोलीय पिंड पृथ्वी से एक-दूसरे के बहुत करीब नजर आते हैं तो इस घटनाक्रम को कंजक्शन कहते हैं।
शनि तथा बृहस्पति के इस तरह के मिलन को ग्रेट कंजक्शन कहते हैं। इसके बाद ये दोनों ग्रह 15 मार्च, 2080 को फिर इतने करीब होंगे। दोनों ग्रहों को 1623 के बाद से कभी इतने करीब नहीं देखा गया।
भारत में अधिकतर शहरों में सूर्यास्त के पश्चात इस अद्भुत घटना को देखा जा सकता है। 21 दिसंबर को सूरज के अस्त होने के बाद 45-60 मिनट बाद इन्हें आसमान में देखा जा सकेगा। बृहस्पति जहां एक चमकते तारे जैसा दिखेगा और शनि उससे ऊपर थोड़ा कम चमक रहा होगा। जब सूर्य का चक्कर लगाते हुए बृहस्पति शनि से आगे निकल जाएगा तो दोनों की स्थिति भी बदल जाएगी।
गूगल सर्च इंजन ने भी इस अद्भुत खगोलीय घटना का डूडल बनाकर इसे खास तवज्जो दी है। खगोल विज्ञानियों के मुताबिक हर 20 वर्ष में गुरु और शनि करीब आते हैं, लेकिन इस बार इन ग्रहों के बीच की दूरी सिर्फ 0.1 डिग्री रहेगी। ऐसा करीब 400 सालों के बाद हो रहा है। इससे पहले 1623 में ये दोनों ग्रह इतने पास आए थे।
आसानी से देख सकेंगे ग्रेट कंजक्शन : भारत सरकार से नेशनल अवॉर्ड प्राप्त विज्ञान प्रसारक सारिका घारू ने बताया कि ग्रेट कंजक्शन की इस घटना के समय बृहस्पति की पृथ्वी से दूरी लगभग 5.924 एस्टोनॉमिकल यूनिट होगी तो शनि की दूरी 10.825 एस्टोनॉमिकल यूनिट होगी। इस तरह मिलते जरूर दिखेंगे, लेकिन ये ग्रह वास्तव में एक-दूसरे से 73 करोड़ किमी से अधिक दूरी पर होंगे।
सारिका ने बताया कि शाम 5 बजे के आसपास किसी बड़ी इमारतसे दूर किसी खुले स्थान पर पहुंच जाएं जहां दक्षिण पश्चिम में डूबता सूर्य दिख रहा हो। यह वही स्थान है, जहां आप इस मिलन को देख पाएंगे।
अंधेरा होते ही आप उस स्थान पर जहां कि सूर्य था, ग्रहों की जोड़ी को देखेंगे, जिसमें ज्यादा चमकता जूपिटर होगा। इसके बाएं ओर कुछ ऊपर शनि होगा। सारिका ने बताया कि अगर आपके पास अच्छी बाइनाकुलर है या टेलीस्कोप है तब आप जूपिटर के चार बड़े चन्द्रमा और सेटर्न रिंग को भी देख पाएंगे।