Publish Date: Mon, 14 Jan 2019 (22:30 IST)
Updated Date: Mon, 14 Jan 2019 (22:29 IST)
नई दिल्ली। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार और अन्य के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने सोमवार को देशद्रोह के जिस मामले में आरोप पत्र दाखिल किया, उसका घटनाक्रम इस प्रकार है-
9 फरवरी, 2016 : संसद पर हमले के दोषी अफजल गुरु को फांसी पर लटकाए जाने के 3 साल पूरा होने के मौके पर जेएनयू परिसर में मार्च।
10 फरवरी : जेएनयू प्रशासन ने इस मामले में अनुशासनात्मक कार्रवाई का आदेश दिया।
11 फरवरी : दिल्ली पुलिस ने भाजपा सांसद महेश गिरि और आरएसएस के छात्र संगठन एबीवीपी की शिकायतों के बाद अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया।
12 फरवरी : कन्हैया कुमार की गिरफ्तारी, छात्रों में भारी रोष।
12 फरवरी : कन्हैया कुमार को देशद्रोह के मामले में दिल्ली की एक अदालत ने 3 दिन की पुलिस हिरासत में भेजा।
15 फरवरी : पटियाला हाउस अदालत परिसर में हिंसा, कन्हैया कुमार के खिलाफ मामले में सुनवाई से पहले वकीलों ने पत्रकारों, जेएनयू छात्रों और शिक्षकों को राष्ट्रविरोधी बताते हुए उन पर हमला किया।
15 फरवरी : पटियाला अदालत हमले के मामले में 2 प्राथमिकी दर्ज।
17 फरवरी : पटियाला हाउस अदालत में एक और हंगामे का मामला। वकीलों के कोट पहने लोगों ने कन्हैया कुमार के मामले में सुनवाई से पहले कथित तौर पर पत्रकारों और छात्रों की पिटाई की।
18 फरवरी : कन्हैया ने उच्चतम न्यायालय में जमानत अर्जी दाखिल की।
19 फरवरी : उच्चतम न्यायालय ने जमानत अर्जी दिल्ली उच्च न्यायालय को स्थानांतरित की। पुलिस से उचित सुरक्षा बंदोबस्त को कहा।
19 फरवरी : कन्हैया ने जमानत के लिए उच्च न्यायालय का रुख किया।
23 फरवरी : पुलिस ने उच्च न्यायालय में कन्हैया की जमानत अर्जी का विरोध किया।
23 फरवरी : जेएनयू छात्र उमर खालिद और अनिर्बान भट्टाचार्य ने आत्मसमर्पण से पहले पुलिस संरक्षण पाने के लिए उच्च न्यायालय का रुख किया।
24 फरवरी : उमर और अनिर्बान गिरफ्तार।
25 फरवरी : दिल्ली की अदालत ने जेल में बंद कन्हैया को 1 दिन की पुलिस हिरासत में भेजा।
26 फरवरी : अदालत ने कन्हैया को तिहाड़ जेल भेजा।
2 मार्च : अदालत ने कन्हैया को 6 महीने की अंतरिम जमानत दी।
3 मार्च : दिल्ली की अदालत ने कन्हैया की तिहाड़ जेल से रिहाई का आदेश दिया।
26 अगस्त : दिल्ली की अदालत ने कन्हैया, उमर और अनिर्बान को नियमित जमानत दी।
14 जनवरी 2019 : पुलिस ने कन्हैया, उमर और अनिर्बान तथा अन्य के खिलाफ देशद्रोह, दंगा भड़काने एवं आपराधिक षड्यंत्र के अपराधों के तहत आरोप पत्र दाखिल किया।
दिल्ली की अदालत मंगलवार को आरोप पत्र पर विचार करेगी।