Publish Date: Fri, 20 Jul 2018 (23:40 IST)
Updated Date: Fri, 20 Jul 2018 (23:54 IST)
नई दिल्ली। दिल्ली उच्च न्यायालय ने भारत विरोधी कथित नारेबाजी की एक घटना के सिलसिले में जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के अपीलीय प्राधिकार द्वारा विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र कन्हैया कुमार के खिलाफ जुर्माने के आदेश को शुक्रवार को निरस्त कर दिया।
गौरतलब है कि 2016 में इस घटना के तहत एक कार्यक्रम में कथित तौर पर भारत विरोधी नारे लगाए गए थे। न्यायमूर्ति सिद्धार्थ मृदुल ने कहा कि जेएनयू कार्यालय का आदेश अनगिनत बिंदुओं पर टिकने योग्य नहीं है। इसके बाद विश्वविद्यालय के वकील ने दलील दी कि वे इस फैसले को वापस ले रहे हैं।
अदालत ने यह विषय अपीलीय प्राधिकार को सौंपते हुए उसे नए सिरे से कानून के मुताबिक कार्यवाही शुरू करने को कहा। कुमार ने मुख्य प्रॉक्टर के जरिए जारी जेएनयू के 4 जुलाई के आदेश को रद्द करने की मांग करते हुए 17 जुलाई को उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी।
कुमार को अनुशासनहीनता को लेकर दोषी ठहराया गया था और उन पर जुर्माना लगाया गया था।
नारेबाजी की घटना के सिलसिले में कुमार पर 10,000 रुपए का जुर्माना लगाया गया था। संसद भवन पर हमले के दोषी अफजल गुरु की फांसी के विषय पर आयोजित एक कार्यक्रम में कथित तौर पर भारत विरोधी नारे लगाए गए थे। (भाषा)