कर्नाटक संकट : शिवकुमार हिरासत में, कुमारस्वामी और कांग्रेस नेता भाजपा पर भड़के

गुरुवार, 11 जुलाई 2019 (07:39 IST)
बेंगलुरू/मुंबई। कर्नाटक के मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने अपने मंत्री को मुंबई में हिरासत में लिए जाने और यहां विधानसभा सौध के बाहर प्रदर्शन के लिए बुधवार को भाजपा पर आरोप लगाया कि वह लोकतंत्र तथा नागरिक आचार संहिता की सभी सीमाएं लांघ रही है।
 
 
कुमारस्वामी ने कड़े शब्दों में यहां जारी बयान में कहा कि वह भाजपा से जानना चाहते हैं कि यह लोकतंत्र की राजनीति है या उसकी दमनकारी मानसिकता का भद्दा प्रदर्शन। मुख्यमंत्री ने कर्नाटक के चार मंत्रियों को मुंबई पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने का जिक्र करते हुए कहा कि यह न सिर्फ प्रोटोकॉल का उल्लंघन है बल्कि "सामंती मानसिकता" की झलक भी है। 
 
कुमारस्वामी ने कहा कि भाजपा की सत्ता की भूख के कारण कर्नाटक हंसी का पात्र बन गया है। यह लोकतंत्र की राजनीति है या दमनकारी मानसिकता का भद्दा प्रदर्शन। दरअसल, बुधवार को कर्नाटक सरकार में मंत्री डीके शिवकुमार, कांग्रेस नेता मिलिंद देवड़ा और नसीम खान मुंबई के रेनेशॉ होटल में कांग्रेस-जद(एस) के बागी विधायकों से मिलने गए थे, लेकिन पुलिस ने होटल के बाहर ही उन्हें हिरासत में ले लिया।
 
कुमारस्वामी ने कांग्रेस के एक और बागी विधायक के सुधाकर को इस्तीफा देने के बाद कथित रूप से हिरासत में लिए जाने को लेकर विधानसभा सौध के बाहर भाजपा के विरोध प्रदर्शन की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि भाजपा के प्रदर्शन ने कर्नाटक की समृद्ध राजनीतिक परंपरा को कलंकित किया है।
 
शिवकुमार को हिरासत : मुंबई कांग्रेस के एक प्रतिनिधिमंडल ने कर्नाटक के मंत्री डीके शिवकुमार को हिरासत में लिए जाने को लेकर बुधवार को पुलिस आयुक्त संजय बर्वे से मुलाकात की। शिवकुमार को मुंबई में कर्नाटक के बागी विधायकों से मिलने जाते समय होटल के बाहर हिरासत में ले लिया गया था। 
 
मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष मिलिंद देवड़ा और पार्टी के एक अन्य नेता नसीम खान को भी पुलिस ने हिरासत में ले लिया था। कांग्रेस नेता भाई जगताप ने कहा, "हमने बर्वे से कहा कि हर किसी को विरोध करने का संवैधानिक अधिकार है। पुलिस एक निजी स्थान में प्रवेश करने से किसी को कैसे रोक सकती है? बागी विधायक जहां ठहरे हैं उन सभी होटलों में भाजपा नेताओं को घुसने की इजाजत हैं लेकिन कांग्रेस नेताओं को नहीं।"
 
महाराष्ट्र विधान परिषद के सदस्य जगताप ने कहा कि प्रतिनिधिमंडल ने आयुक्त को बताया कि पुलिस को हमें "होटल के अंदर जाने से रोकने" के बजाय उसके भीतर सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता रखनी चाहिए थी।" (भाषा)

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