Publish Date: Wed, 25 Jul 2018 (15:15 IST)
Updated Date: Wed, 25 Jul 2018 (15:22 IST)
नई दिल्ली। राकांपा सांसद सुप्रिया सुले ने महाराष्ट्र में आरक्षण के लिए चल रहे मराठा समुदाय के आंदोलन का मुद्दा बुधवार को लोकसभा में उठाया और कहा कि मराठा एवं धनगर समुदायों की मांगों को पूरा करके उनके साथ न्याय किया जाना चाहिए।
सदन में प्रश्नकाल के दौरान सुले ने मराठा आरक्षण आंदोलन मुद्दा उठाते हुए कहा कि राज्य में इस कानून-व्यस्था का मुद्दा खड़ा हो गया और ऐसे में महाराष्ट्र सरकार को आंदोलनकारियों से बातचीत करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि भाजपा ने महाराष्ट्र में अपने घोषणापत्र में मराठा और धनगर समुदायों को आरक्षण देने का वादा किया था।
राकांपा सदस्य ने कहा कि पहले भी मराठा समुदाय ने पहले भी आंदोलन किए और वे सभी आंदोलन शांतिपूर्ण रहे, लेकिन इस बार सरकार कोई ध्यान नहीं दे रही है और मीडिया के माध्यम से तरह-तरह की खबरें सामने आ रही हैं।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार और महाराष्ट्र की सरकार से आग्रह है कि वे आंदोलन कर रहे लोगों से बातचीत करें और इन लोगों की मांगों को पूरा कर उनके साथ न्याय किया जाए।
शून्यकाल के दौरान राकांपा के धनंजय महादिक ने ट्रांसपोर्टरों की हड़ताल का मुद्दा उठाया और कहा कि डीजल की कीमतों में तीन महीने में एक बार बढ़ोतरी करने और उनकी दूसरी मांगों को पूरा किया जाए।
कांग्रेस के के. सुरेश ने दलित ईसाइयों की खराब आर्थिक स्थिति का मुद्दा उठाया और कहा कि सरकार को इनके लिए राष्ट्रीय कल्याण आयोग बनाना चाहिए।
भाजपा के ओम बिड़ला ने बाड़मेर में एक युवक की भीड़ द्वारा हत्या का मुद्दा उठाया और आरोप लगाया कि कांग्रेस देश में धर्म और जाति के नाम पर राजनीति कर रही है। (भाषा)