अब मायावती अकेले ही लड़ेंगी हर चुनाव, गठजोड़ से मोहभंग

सोमवार, 24 जून 2019 (12:35 IST)
रविवार को हुई बीएसपी की एक अहम बैठक में मायावती ने अपने बयान से जाहिर कर दिया कि उनका अब सपा से मोहभंग हो गया है और उन्‍होंने उत्तर प्रदेश की 11 सीटों पर होने वाले विधानसभा उपचुनाव में अकेले ही लड़ने का ऐलान कर डाला। इस बीच, समाजवादी पार्टी ने कहा है कि बसपा गठबंधन तोड़ने के बहाने ढूंढ रही है। यदि वह अकेले चुनाव लड़ेगी तो सपा भी अकेले चुनाव लड़ेगी। 
 
खबरों के मुता‍बिक, रविवार को हुई बीएसपी की एक अहम बैठक में मायावती ने अपने बयान से जाहिर कर दिया कि उनका अब सपा से मोहभंग हो गया है और उन्‍होंने उत्तर प्रदेश की 11 सीटों पर होने वाले विधानसभा उपचुनाव में अकेले ही लड़ने का ऐलान कर डाला। 
लोकसभा चुनाव से पहले जब सपा और बीएसपी के गठबंधन का ऐलान हो रहा था तो उस दिन मायावती और अखिलेश यादव के हावभाव को देखकर ऐसा लग रहा था कि अब यह दोनों पार्टियां मिलकर लंबे समय तक राजनीति करेंगी।
 
बैठक में मायावती ने कहा कि उनकी नजर में अब अखिलेश यादव की कोई अहमियत नहीं है, हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि अखिलेश यादव से उनके रिश्ते व्यक्तिगत तौर पर अच्छे हैं, वहीं दूसरी ओर अखिलेश यादव अभी तक पूरी तरह से सधे और रक्षात्मक बयान दे रहे हैं।
 
बसपा प्रमुख मायावती ने रविवार को हुई पार्टी नेताओं की बैठक के बाद सोमवार को भी समाजवादी पार्टी के प्रति अपने तेवर बरकरार रखे हैं। उन्होंने ट्वीट कर कहा है कि अब वह किसी प्रकार का गठबंधन नहीं करेंगी और आने वाले सभी चुनाव अपने बूते ही लड़ेंगी।
 
उन्होंने कहा कि वैसे भी जगजाहिर है कि सपा के साथ सभी पुराने गिले-शिकवों को भुलाने के साथ-साथ वर्ष 2012-17 में सपा सरकार के बीएसपी व दलित विरोधी फैसलों, प्रमोशन में आरक्षण विरुद्ध कार्यों एवं बिगड़ी कानून व्यवस्था आदि को दरकिनार करके देश व जनहित में सपा के साथ गठबंधन धर्म को पूरी तरह से निभाया।

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