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'उड़ता ताबूत', वायुसेना के बेड़े से हटेंगे MiG-21 लड़ाकू विमान, समयसीमा तय

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शुक्रवार, 29 जुलाई 2022 (21:46 IST)
नई दिल्ली। भारतीय वायुसेना ने अपने बेड़े में बचे 4 मिग-21 लड़ाकू स्क्वाड्रन को चरणबद्ध तरीके से हटाने के लिए अगले 3 वर्षों की समयसीमा तय की है। इस गतिविधि के बारे में जानकारी रखने वाले लोगों ने शुक्रवार को बताया कि इनमें से एक स्क्वाड्रन को इसी साल सितंबर में हटाए जाने की उम्मीद है।

उन्होंने कहा कि वायुसेना अगले पांच वर्षों में मिग-29 लड़ाकू विमानों के तीन स्क्वाड्रन को भी चरणबद्ध तरीके से हटाने की योजना बना रही है। साथ ही उन्होंने कहा कि सोवियत मूल के विमान बेड़े को चरणबद्ध तरीके से हटाने की योजना वायुसेना के आधुनिकीकरण अभियान का हिस्सा है और इस कदम का राजस्थान के बाड़मेर में कल रात हुई मिग-21 की दुर्घटना से कोई संबंध नहीं है।

विमान में सवार विंग कमांडर एम. राणा और फ्लाइट लेफ्टिनेंट अद्वितीय बल की इस हादसे में जान चली गई। इस घटना के बाद पुराने हो चुके मिग विमान एक बार फिर चर्चा में हैं। घटनाक्रम के बारे में जानकारी रखने वाले लोगों ने बताया कि 2025 तक मिग-21 के चारों स्क्वाड्रन को बेड़े से हटाने की योजना है।

श्रीनगर स्थित स्क्वाड्रन नंबर 51 के लिए 30 सितंबर की ‘नंबर प्लेट’ तैयार होगी। ‘नंबर प्लेट’ का संदर्भ एक स्क्वाड्रन को हटाए जाने से होता है। एक स्क्वाड्रन में आमतौर पर 17-20 विमान होते हैं। इस स्क्वाड्रन को ‘सोर्डआर्म्स’ के तौर पर भी जाना जाता है।

यह 1999 के कारगिल युद्ध के दौरान ‘ऑपरेशन सफेद सागर’ के अलावा भारत द्वारा किए गए बालाकोट हवाई हमले के एक दिन बाद पाकिस्तान की तरफ से 27 फरवरी 2019 को की गई जवाबी कार्रवाई के खिलाफ अभियान में भी शामिल थी।

विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान स्क्वाड्रन नंबर 51 से ही थे और उन्होंने हवाई झड़प के दौरान दुश्मन के एक लड़ाकू विमान को मार गिराया था। तत्कालीन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने इसके लिए उन्हें ‘वीर चक्र’ से सम्मानित किया था। अभिनंदन अब ग्रुप कैप्टन हैं।

वायुसेना के बेड़े में फिलहाल करीब 70 मिग-21 लड़ाकू विमान और 50 मिग-29 विमान हैं। मिग-21 लंबे समय तक भारतीय वायुसेना के मुख्य लड़ाकू विमान रहे हैं। हालांकि विमान का हाल का सुरक्षा रिकॉर्ड बेहद खराब रहा है। वायुसेना के बेड़े में मिग विमान 1963 से हैं।
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भाजपा सांसद वरुण गांधी ने पूछा था सवाल : भारतीय जनता पार्टी के नेता और पीलीभीत से सांसद वरुण गांधी ने शुक्रवार को भारतीय वायुसेना के युद्धक विमान मिग-21 को उड़ता ताबूत करार दिया और सवाल किया कि आखिरकार कब ये विमान वायुसेना के बेड़े से हटेंगे।

मालूम हो कि भारतीय वायुसेना का मिग-21 लड़ाकू विमान गुरुवार रात राजस्थान के बाड़मेर जिले के बायतू इलाके में  दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें दो पायलटों की मौत हो गई। भारतीय वायुसेना के अनुसार, यह विमान प्रशिक्षण उड़ान पर था।

वरुण गांधी ने एक ट्वीट में कहा, कल बाड़मेर में हुई घटना से पूरा देश स्तब्ध व शोकाकुल है! कुछ वर्षों से मिग-21 लगातार  हादसों का शिकार हो रहा है। यह अकेला लगभग 200 पायलटों की जान ले चुका है। आखिर यह ‘उड़ता ताबूत’ कब हमारे बेड़े से हटेगा?

उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा, देश की संसद को सोचना होगा कि क्या हम अपने बच्चों को यह विमान उड़ाने देंगे?इस हादसे में जिन दो पायलटों की मौत हुई है, उनमें हिमाचल प्रदेश के रहने वाले विंग कमांडर एम. राणा और जम्मू के निवासी फ्लाइट लेफ्टिनेंट अद्वितीय बल शामिल हैं।

मिग-21 विमान लंबे समय तक भारतीय वायुसेना का मुख्य आधार रहे हैं। हालांकि हाल में विमान का सुरक्षा रिकॉर्ड बहुत खराब रहा है।(एजेंसियां)

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