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मोदी कैबिनेट में बड़ा फेरबदल! इन 4 मंत्रियों की छुट्टी तय, धर्मेन्द्र प्रधान पर भी गिर सकती है गाज

'एक व्यक्ति, एक पद' सिद्धांत और राज्यसभा का कार्यकाल खत्म होने के चलते कई दिग्गजों को गंवानी पड़ सकती है कुर्सी, चुनावी राज्यों पर रहेगा फोकस

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Modi Cabinet Expansion
Modi Cabinet Expansion 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तीसरे कार्यकाल (मोदी सरकार 3.0) के तहत केंद्रीय मंत्रिमंडल में एक बड़े और व्यापक फेरबदल की सुगबुगाहट बेहद तेज हो गई है। हाल ही में हुई उच्च स्तरीय बैठकों और भाजपा (BJP) के संगठनात्मक बदलावों के बाद यह साफ हो गया है कि इस बार का कैबिनेट विस्तार केवल नए चेहरों को शामिल करने तक सीमित नहीं रहेगा। इसमें आगामी राज्य विधानसभा चुनावों के समीकरण और पार्टी के 'एक व्यक्ति, एक पद' के कड़े सिद्धांत का बड़ा असर देखने को मिलेगा।

इन चार मंत्रियों की छुट्टी तय!

राजनीतिक गलियारों में सबसे बड़ी चर्चा इस बात की है कि वर्तमान मंत्रिपरिषद से कुछ प्रमुख चेहरों की विदाई तय मानी जा रही है। इसका मुख्य कारण बीजेपी द्वारा हाल ही में घोषित की गई राज्यसभा उम्मीदवारों की सूची और संगठन में दी गई नई जिम्मेदारियां हैं। ALSO READ: Cockroach Janta Party के संस्थापक अभिजीत दिपके 6 जून को भारत लौटेंगे, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को आंदोलन का ऐलान
 
दरअसल, केंद्रीय राज्य मंत्री पंकज चौधरी को उत्तर प्रदेश भाजपा का नया अध्यक्ष बनाया गया है, वहीं हर्ष मल्होत्रा को दिल्ली भाजपा की कमान सौंपी गई है। 'एक व्यक्ति, एक पद' के नियम के तहत इन दोनों ही नेताओं को जल्द ही मंत्रिमंडल से इस्तीफा देना होगा। इनके साथ ही पंजाब से आने वाले रवनीत सिंह बिट्टू और केरल से जॉर्ज कुरियन का राज्यसभा कार्यकाल भी समाप्त हो रहा है। बीजेपी के नए राज्यसभा उम्मीदवारों की सूची में इनका नाम शामिल नहीं है, जिसके चलते इन्हें भी मंत्रिपरिषद का पद छोड़ना पड़ेगा।

धर्मेंद्र प्रधान पर गिर सकती है गाज?

सूत्रों की मानें तो इनके अलावा कुछ और बड़े चेहरे भी हैं, जिन्हें मोदी की इस नई टीम से हटाया जा सकता है। इनमें सबसे ऊपर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का नाम चल रहा है। दरअसल, नीट (NEET) पेपर लीक और सीबीएसई (CBSE) परीक्षाओं में गड़बड़ी जैसे कुछ ऐसे गंभीर मुद्दे रहे हैं, जिन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर सरकार की छवि को नुकसान पहुंचाया है। ALSO READ: धर्मेन्द्र प्रधान ने OSM में गड़बड़ी की जिम्मेदारी ली, क्या अगले मंत्रिमंडल फेरबदल में हो सकती है विदाई?
 
इसके साथ ही, यूजीसी (UGC) के कुछ फैसलों से भाजपा के परंपरागत वोटर माने जाने वाले सवर्ण समाज में भी नाराजगी देखी गई थी। चूंकि इन सभी विवादों का सीधा ताल्लुक शिक्षा मंत्रालय से है, इसलिए माना जा रहा है कि धर्मेंद्र प्रधान को कैबिनेट से हटाकर संगठन में भेजा जा सकता है।

आगामी विधानसभा चुनावों पर टिकी नजरें

अगले साल यानी 2027 में उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब और गुजरात में विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में इन राज्यों में जातीय और क्षेत्रीय समीकरणों को साधने के लिए नए चेहरों को कैबिनेट में मौका दिया जा सकता है। देश के सबसे बड़े सूबे उत्तर प्रदेश का इसमें खास ध्यान रखा जाएगा, क्योंकि दिल्ली की सत्ता का रास्ता यहीं से होकर गुजरता है। यूपी में ओबीसी (OBC) वर्ग के साथ-साथ नाराज सवर्ण समाज को भी इस विस्तार के जरिए साधने की कोशिश की जाएगी। ALSO READ: NEET मामले पर भड़के राहुल गांधी, बोले- 22 लाख बच्चों के साथ हुआ धोखा, शिक्षा मंत्री प्रधान दें इस्तीफा...
 
रणनीति के मुताबिक, रवनीत सिंह बिट्टू को पंजाब में पार्टी संगठन की कोई बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है, वहीं आम आदमी पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल होने वाले राघव चड्ढा को पंजाब कोटे से मंत्री पद दिए जाने की चर्चाएं राजनीतिक हलकों में गर्म हैं। इसके अतिरिक्त गुजरात और उत्तराखंड से भी मंत्रियों की संख्या बढ़ाई जा सकती है।

मोदी सरकार के 12 साल और बड़ा बदलाव

इसी महीने 9 जून को केंद्र की मोदी सरकार अपने सफल 12 साल (2014 से 2026 तक) पूरे कर रही है। इस मील के पत्थर को छूने के ठीक बाद होने वाले इस कैबिनेट फेरबदल में कई ऐसे चौंकाने वाले नाम सामने आ सकते हैं, जो भविष्य की राजनीति की दिशा तय करेंगे।
Edited by: Vrijendra Singh Jhala

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