मोदी सरकार की अब भ्रष्टाचार पर सर्जिकल स्ट्राइक, 15 अधिकारियों को घर भेजा

मंगलवार, 18 जून 2019 (17:55 IST)
नई दिल्ली। सरकार ने केन्द्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) के प्रधान आयुक्त, आयुक्त, अतिरिक्त आयुक्त और उपायुक्त स्तर के 15 वरिष्ठ अधिकारियों को भ्रष्टाचार के आरोप अनिवार्य सेवानिवृत्ति दे दी है।
 
सरकार ने पिछले सप्ताह आयकर विभाग के 12 वरिष्ठ अधिकारियों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी थी। सूत्रों ने मंगलवार को यहां यह जानकारी देते हुए कहा कि इन अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप हैं और कुछ मामले में अभी भी जांच चल रही है। इसके मद्देनजर इन अधिकारियों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी गई है। 
 
सरकार ने जिन 15 अधिकारियों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी पर उन पर कंपनियों से वसूली और कर चोरी आदि से बचाने के लिए बड़े पैमाने पर रिश्वत लेने के गंभीर आरोप हैं। कुछ अधिकारियों के मामले की जांच केन्द्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) कर रही है।
 
जिन अधिकारियों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी गई है, उनमें दिल्ली में पदस्थ प्रधान आयुक्त अनूप श्रीवास्तव पर भ्रष्टाचार के छह गंभीर मामले हैं जिनमें से दो की जांच सीबीआई कर रही है। निलंबित आयुक्त अतुल दीक्षित पर भी भ्रष्टाचार के दो गंभीर मामले हैं और इनकी भी जांच सीबीआई कर रही है। कोलकाता में पदस्थ आयुक्त संसार चंद पर भी भ्रष्टाचार के दो मामले हैं। एक मामले में सीबीआई ने रिश्वत लेने हुए रंगे हाथों संसार चंद को गिरफ्तार किया था। 
रिश्वत लेते हुए सीबीआई द्वारा गिरफ्तार चेन्नई में पदस्थ आयुक्त जीश्री हर्षा पर भी भ्रष्टाचार के दो गंभीर मामले हैं, जिनकी सीबीआई जांच चल रही है। निलंबित आयुक्त विनय ब्रिज सिंह पर भी रिश्वत के गंभीर आरोप हैं और मामले को सीबीआई को भेजा जा चुका है। 
 
कोलकाता में पदस्थ अतिरिक्त आयुक्त अशोक आर महिदा पर भी भ्रष्टाचार के दो मामले हैं, जिनमें से एक मामले में सीबीआई ने रिश्वत लेते हुए उनको गिरफ्तार किया था जबकि दूसरे मामले की सीबीआई जांच जारी है। नागपुर में पदस्थ अतिरिक्त आयुक्त वीरेन्द्र कुमार अग्रवाल के विरुद्ध भी सीबीआई एक मामले की जांच कर रही है। उनके विरुद्ध दो और मामले भी चल रहे हैं।
 
दिल्ली में पदस्थ अमरेश जैन के विरुद्ध भी सीबीआई की जांच चल रही है। निलंबित संयुक्त आयुक्त नलिन कुमार के खिलाफ भी सीबीआई दो मामले की जांच कर रही है। निलंबित सहायक आयुक्त एसएस पबना के विरुद्ध राजस्व खुफिया निदेशालय की जांच चल  रही है।

भुवनेश्वर में पदस्थ सहायक आयुक्त एसएस बिष्ट पर रिश्वत लेने के आरोप हैं और इस संबंध में उनके विरुद्ध मामला दर्ज है। मुंबई में पदस्थ सहायक आयुक्त विनोद कुमार सांगा पर भी भ्रष्टाचार के दो मामले हैं और एक मामले राजस्व खुफिया निदेशालय की जांच जारी है।
 
विशाखापत्तनम में पदस्थ अतिरिक्त आयुक्त राजू सेकर पर भ्रष्टाचार के तीन मामले हैं जिनमें से दो सीबीआई के पास है। दिल्ली में पदस्थ उपायुक्त अशोक कुमार असवाल के विरुद्ध सीबीआई की जांच चल रही है। इलाहाबाद में पदस्थ सहायक आयुक्त मोम्मद अल्ताफ पर भ्रष्टाचार के मामले चल रहे हैं। (वार्ता)

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