Publish Date: Tue, 24 Apr 2018 (16:29 IST)
Updated Date: Tue, 24 Apr 2018 (16:30 IST)
रामनगर (मंडला)। देश में महिलाओं और मासूम बालिकाओं से जुड़े अपराधों के बढ़ने के परिप्रेक्ष्य में मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने व्यापक सामाजिक आंदोलन शुरू करने की जरूरत बताते हुए कहा कि सामान्यत: परिवारों में बेटियों पर तो नजर रखी जाती है, लेकिन यदि बेटों की गतिविधियों पर भी नजर रखी जाए, तो इस तरह के अपराध आसानी से रोके जा सकते हैं।
मोदी ने मध्यप्रदेश के आदिवासी बहुल मंडला जिले की रामनगर ग्राम पंचायत में पंचायती राज दिवस के मौके पर आयोजित सभा को संबोधित किया। यह संबोधन देश की सभी लगभग दो लाख 44 हजार पंचायतों में सजीव प्रसारण के जरिए पहुंचाया गया। इस अवसर पर मध्यप्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान और केंद्रीय पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास मंत्री नरेंद्रसिंह तोमर भी मौजूद थे।
मोदी के पहले मुख्यमंत्री चौहान ने सभा में संबोधन के दौरान दुष्कर्मी को फांसी की सजा संबंधी केंद्र सरकार के फैसले के बारे में बताया था। उसका जिक्र करते हुए मोदी ने कहा कि जब चौहान निर्णय के बारे में बता रहे थे, सभा में मौजूद सभी लोगों ने तालियों से निर्णय का स्वागत किया। यह इस बात का प्रमाण है कि दिल्ली की सरकार आम लोगों के दिलों की आवाज पर निर्णय लेती है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि लेकिन महिलाओं पर अपराध रोकने के लिए जरूरी है कि परिवार के लोग लड़कों की गतिविधियों पर भी नजर रखें। लड़के गलत राह पर जाएं, तो उन्हें ऐसा करने से रोका जाए। लड़कियों को तो रोका जाता है, लेकिन बेटों को भी गलत राह पर जाने से रोका जाए। इससे राक्षसी प्रवृत्ति को पनपने से रोका जा सकता है। बेटों को भी जिम्मेदारी सिखाना जरूरी है। यह सामाजिक सोच बदलने की जरूरत है और इसके लिए व्यापक सामाजिक आंदोलन शुरू करने की जरूरत है। (वार्ता)