Publish Date: Fri, 31 May 2019 (17:50 IST)
Updated Date: Fri, 31 May 2019 (17:53 IST)
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को श्रीलंका के राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरिसेना, नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और भूटान के प्रधानमंत्री लोटे शेरिंग से अलग-अलग बैठक की और अपने द्विपक्षीय संबंधों को और प्रगाढ़ बनाने पर चर्चा की।
प्रधानमंत्री के रूप में अपने दूसरे कार्यकाल की शपथ लेने के 1 दिन बाद मोदी ने बांग्लादेश के राष्ट्रपति अब्दुल हामिद और मॉरिशस के प्रधानमंत्री प्रविंद जगन्नाथ के साथ भी व्यापक चर्चा की। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में हिस्सा लेने के लिए बिम्स्टेक (बंगाल की खाड़ी बहुक्षेत्रीय तकनीकी और आर्थिक सहयोग उपक्रम) देशों के नेता एवं शासनाध्यक्ष सहित अन्य नेता आए थे।
विदेश मंत्रालय के अनुसार मोदी और सिरिसेना के बीच बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि आतंकवाद और कट्टरपंथ मानवता के समक्ष खतरा बने हुए हैं। दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय सहयोग, दक्षिण एशिया एवं हिन्द महासागर क्षेत्र में शांति एवं सुरक्षा के लिए करीबी सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।
गौरतलब है कि श्रीलंका में पिछले महीने हुए आतंकी बम धमाकों में 250 से अधिक लोग मारे गए थे। मंत्रालय के अनुसार मोदी ने शपथ ग्रहण समारोह में हिस्सा लेने के लिए राष्ट्रपति सिरिसेना का आभार प्रकट किया एवं शुभेच्छा प्रकट की। उन्होंने श्रीलंका के साथ मैत्रीपूर्ण द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूती से आगे बढ़ाना जारी रखने की प्रतिबद्धता प्रकट की।
मोदी और जगन्नाथ के बीच बैठक के बारे में मंत्रालय ने बताया कि दोनों नेताओं ने दोनों देशों एवं हिन्द महासागर क्षेत्र में सुरक्षा एवं विकास के साझा दृष्टिकोण पर काम करने पर सहमति व्यक्त की। दोनों नेताओं ने अपने द्विपक्षीय संबंधों के सभी आयामों को मजबूत बनाने पर भी सहमति व्यक्त की।
मोदी ने नेपाल के अपने समकक्ष केपी शर्मा ओली के साथ भी बैठक की और द्विपक्षीय संबंधों को और प्रगाढ़ बनाने पर सहमति व्यक्त की। भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग से मोदी की बातचीत पर विदेश मंत्रालय ने कहा कि दोनों नेताओं ने अपने मजबूत पारंपरिक संबंधों को और मजबूत बनाने पर सहमति व्यक्त की।
प्रधानमंत्री मोदी ने बांग्लादेश के राष्ट्रपति अब्दुल हामिद के साथ भी द्विपक्षीय बैठक की और साझा हितों से जुड़े विषयों पर विचारों का आदान प्रदान किया। प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने के बाद मोदी ने सबसे पहले किर्गिस्तान के राष्ट्रपति सूरोनबे जीनबेकोव के साथ बैठक की। जीनबेकोव शंघाई सहयोग संगठन के अध्यक्ष भी हैं।
विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत और किर्गिस्तान के गर्मजोशीभरे एवं मित्रतापूर्ण संबंधों को याद करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत बनाने की गति पर संतोष व्यक्त किया। (भाषा)